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फर्जीवाड़ा का खुलासा:वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह को एसटीएफ ने पकड़ा; 12 गिरफ्तार, दो भेजे गए जेल

लखनऊ8 महीने पहले
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यूपी की एसटीएफ ने ऑनलाइन ठगी करने वाले बारह लोगों को पकड़ा है। इनमें से दो को जेल भेज दिया है। - Dainik Bhaskar
यूपी की एसटीएफ ने ऑनलाइन ठगी करने वाले बारह लोगों को पकड़ा है। इनमें से दो को जेल भेज दिया है।
  • 50 हजार से एक लाख तक बतौर सिक्योरिटी करवाते थे जमा
  • प्रदेश के हजारों युवकों को बना चुके थे अपनी ठगी का शिकार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने डाटा चोरी कर बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एनसीआर के गाजियाबाद से नामचीन नौकरी देने वाली कंपनी के नाम से वेबसाइट बनाकर बेरोजगार लड़के लड़कियों को ठगी करते थे। इन्होंने shine.com और quikr.com के नाम से दो वेबसाइट बनाई थी। प्रदेश के हजारों युवकों से 50 हजार से लेकर एक लाख तक सिक्योरिटी मनी जमा करवाते थे।

यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि महानगर इलाके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें से दो को जेल भेजा गया है अन्य से पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ के एडिशनल एसपी ने बताया कि व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से कुछ सपोर्ट एंड एनीडेक्स जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर ये क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल प्राप्त कर ऑनलाइन ठगी करने का गिरोह चलाते थे।

इस सूचना मिलने पर एसटीएफ की टीम के द्वारा साइबर क्राइम की मदद से इस पर कार्रवाई करना शुरू किया गया। इस गिरोह में लड़कियां भी शामिल थी, गिरोह का सरगना दिल्ली का रहने वाला है, जिसका नाम शादाब खान और रोहन राठौर और फरहान है।

गाजियाबाद में ऑफिस बनाकर देश के कई राज्यों में की जा रही थी ठगी
एसटीएफ के एडिशनल एसपी ने बताया कि गाजियाबाद के मैं ऑफिस बनाकर shine.com, quikr.com पर ऑनलाइन आवेदन करने के लिए व्हाट्सएप के जरिए ईमेल के माध्यम से लिंक भेज आया था। रजिस्ट्रेशन करने के लिए 10 रुपये आवेदन शुल्क लिया जाता था। आवेदन की प्रक्रिया में पेमेंट करने के लिए एचआर के माध्यम से एक अलग से वेबसाइट का लिंक दिया जाता था। इसके ओपन करने पर फॉर्म भरने के लिए 10 रुपये की पेमेंट डेबिट कार्ड के जरिये लिया जाता था।

जिसके बाद वेरीफाइ करने के लिए सीनियर डिपार्टमेंट की तरफ से वेबसाइट पर एक रिफंड कल लिंक भेजा जाता था। जिसमें 990 रुपए रिफंड हो जाया करते थे लेकिन ऐसा ना करने पर 49000 रुपए काटा जाता था। इस तरीके से अप्लाई करने वाले बेरोजगार युवाओं के अकाउंट की और क्रेडिट कार्ड की डिटेल फॉर्म भरने के माध्यम से जालसाज कंपनी ले लिया करते थे। उसके बाद उनके अकाउंट से सारा रुपए ट्रांजैक्शन करवा लिया करते थे। इस शिकायत के बाद यूपी एसटीएफ की टीम में साइबर की मदद से इन आरोपियों को पकड़ा है।