पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Taliban Decree Of Khap Panchayat, Naresh Takait Said Ban On Boys From Rural Areas To Wear Half Pants, Will Be Fined If Worn

यूपी में खाप का अजीब फरमान:मुजफ्फरनगर की पंचायत ने लड़कों को दी चेतावनी- तंग कपड़े पहने तो लगेगा जुर्माना

मुज़फ्फरनगरएक वर्ष पहले
चौधरी नरेश ने कहा है कि लड़कियों ने काफी पहले मांग की थी कि लड़कों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

अभी तक लड़कियों के पहनावे पर फरमान जारी करने वाली बालियान खाप पंचायत के मुखिया और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष ने अब लड़कों के पहनावे पर बयान दिया है। बागपत पहुंचे खाप के मुखिया नरेश टिकैत ने कहा कि लड़के बाजारों में हाफ पैंट पहनकर न घूमें। फरमान का पालन नहीं करने पर सामाजिक रूप से दंड देने का भी निर्णय दिया गया है।

हालांकि, चौधरी नरेश ने कहा है कि लड़कियों ने काफी पहले मांग की थी कि लड़कों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। दरअसल, इससे पहले भी खाप पंचायत लड़कियों के जींस पहनने और मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगाकर चर्चा में आ चुकी है।

लड़कियों ने लड़कों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी

चौधरी नरेश ने कहा, ''वल्लभगढ़ की घटना से पूरे देश मे रोष है। एक लड़की की सरेआम हत्या कर दी जाती है। जो बहुत दुखदायी है। बहुत अत्याचार हो रहा है। आजकल लड़कियां गांव से स्कूल कालेज जाती हैं और उनके साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। सरकार को कठोर कदम उठाना चाहिए। कम से कम बहु बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। हमने कोई फरमान नहीं दिया बल्कि राय दी है।''

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के जो लड़के हैं, वो हाफ पेंट पहनते हैं, वो ठीक नहीं है। हमारे बुजुर्गों ने सलाह दी है कि इस हाफ पेंट पहनने पर प्रतिबंध लगाओ। हमने पहले भी खाप पंचायतों में लड़कियों पर जीन्स पहनने पर प्रतिबंध लगाया था।

शहर में लड़कियां जीन्स पहन सकती है, लेकिन गांव में ये अच्छा नहीं लगता। हमने इस चीज का भी विरोध किया था और हम कामयाब भी हुए। लड़कियों ने कहा कि लड़कों पर भी प्रतिबंध लगाओ तो हमने तंग कपड़े पहनने पर लड़कों पर प्रतिबंध लगा दिया।

नरेश के बयान पर भाई राकेश टिकैत ने दी सफाई

हालांकि, अभी तक नरेश टिकैत ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन नरेश टिकैत के छोटे भाई और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने अपने भाई के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि गांव में लगभग 30 वर्ष पहले एक व्यक्ति ने मिठाई खाने के लिए गांव में नंगा घूमने की शर्त लगाई थी, जिस कारण गांव में झगड़ा हो गया था। इसीलिए चौधरी नरेश टिकैत ने ये बयान दिया है। उन्होंने किसी भी नौजवान पर हाफ पेंट पहने पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।

यह है खाप पंचायत का इतिहास

दरअसल, ब्रिटिश हुकूमत के समय जब हिंदुस्तान के नौजवान अंग्रेजों से आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे उसी समय पंजाब ,हरियाणा,राजस्थान और उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में सर्वजातीय सर्व धर्म के बुजुर्गों ने डोर टू डोर पंचायत कर लोगों को एकजुट कर क्रांति की तैयारी में लगे थे।

1857 के समय मे एक तरफ मेरठ से मंगल पांडेय ने क्रांति का बिगुल बजा दिया तो दूसरी ओर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील के गांव सौरम में खाप चौधरियों ने महा पंचायत कर अंग्रेजों के खिलाफ रणनीति बनानी शुरू कर दी।

सन 1857 में हुई थी खाप पंचायत की पहली बैठक

बताया जाता है कि खाप पंचायत की पहली महापंचायत 1857 में सौरम में हुई थी, जिसमें हिन्दू मुस्लिम और अन्य समाज के जिम्मेदार लोगों ने हिस्सा लिया था। उस समय कई राज्यों से सभी समाज के किसानों ने भाग लिया था। समय के साथ साथ खाप का विस्तार भी होने लगा।

खाप के फरमान उस समय सुर्खियों में आये जब 2004 में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में खाप पंचायतों का दौर आजादी के बाद फिर शुरू हुआ। और खाप चौधरियों ने सगोत्र विवाह पर पाबंदी लगाते हुए एक गोत्र ओर एक गांव में प्रेम विवाह करने वाले प्रेमी युगल को कत्ल करने का फरमान सुना दिया।

उसके बाद 2010 में सिसोली गांव में हुई पंचायत में लड़कियों पर जीन्स पहनने पर पाबंदी लगा दी। साथ ही लड़कियों के मोबाइल प्रयोग करने पर भी खाप पंचायतों ने रोक लगा दी थी।