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  • The Corpses Being Burnt And Buried On The Banks Of The Ganges, Mother Ganga's Fireplaces Started To Look Like Cemeteries Within 1 Kilometer Radius At Phaphamau Ghat.

प्रयागराज में मोक्ष के भंवर में फंसी मोक्षदायिनी:गंगा किनारे जलाई और दफन की जा रही लाशें, फाफामऊ घाट पर 1 किलोमीटर के दायरे में कब्रिस्तान जैसी हालत

प्रयागराज4 महीने पहले
प्रयागराज की यह तस्वीर फाफा मऊ

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मोक्षदायिनी मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल करने के लिए केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत हजारों करोड़ रुपए बहा दिए लेकिन गंगा तटों पर बने श्मशान घाटों पर दफनाई जा रही लाशों की वजह से उत्पन्न होने वाली गंदगी को रोकने का कोई पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं किया गया है। इसका नतीजा है कि वैश्विक महामारी के शिकार हुए जिले के लोग मां गंगा के आंचल में दफन है।

बताया जा रहा है कि यहां दफन करने वाले शवों में ऐसे लोग हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी अथवा कोई और दिक्कत थी। जलाए गए ऐसे लोग हैं, जिनके घर के लोगों ने ससम्मान अंतिम संस्कार किया लेकिन इस अंतिम संस्कार अथवा दफनाने की प्रक्रिया के बाद गंगा के किनारे तकरीबन एक किलोमीटर से ज्यादा का क्षेत्रफल लाशों के जलाने और दफनाने की वजह से गंदगी में तब्दील हो गया है।

आवारा पशुओं का रहता है जमावड़ा

यहां पड़े कफन और लाशों एवं लकड़ियों की राख तथा कब्रों पर डाले गए सीतारामी गमछे उस क्षेत्र को गंदा कर दिए हैं। जहां आवारा पशु, सुअर, कुत्ते, चील्ह, कौवो का जमावड़ा रहता है। लोगों का कहना है कि यहां दफन की गई लाशें बारिश होते ही ऊपर आ जाएंगी और गंगा में बहने लगेंगी। पहले मौतों का आंकड़ा इतना ज्यादा नहीं होता था, इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं होती थी लेकिन इस बार तो अकेले फाफामऊ घाट पर वर्तमान में 1000 से ज्यादा शव दफन किए हुए मिल जाएंगे।

इन घाटों पर होता है शवों का अंतिम संस्कार

प्रयागराज में गंगा किनारे इस तरह के आधा दर्जन से ज्यादा श्मशान घाट हैं, जिनमें श्रृंगवेरपुर छतनाग, अरैल, दारागंज, रसूलाबाद, मनैया आदि का नाम प्रमुख है। जहां लाशों को जलाने और दफनाने का काम होता है। घाटों पर व्याप्त गंदगी यों को देखकर सहज ही कहा जा सकता है कि सरकारी दावे और धारा तली हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है। मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल देखने का सपना संजोने वालों के उम्मीदों पर यह करारा तमाचा भी है।