अनशन पर बैठे विधायक का हाथ बांधकर ड्रिप लगाई:3 दिन से लखनऊ में गांधी प्रतिमा के सामने अनशन पर थे सपा विधायक, रात में उठाकर ले गई पुलिस

लखनऊ21 दिन पहले

लखनऊ में गांधी प्रतिमा के पास 3 दिन से अनशन कर रहे विधायक राकेश प्रताप सिंह को शुक्रवार रात पुलिस जबरन उठाकर अस्पताल ले गई है। उन्हें अस्पताल में ले जाकर हाथ बांधकर ड्रिप लगाई गई है। यूपी के अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक अपने क्षेत्र की दो जर्जर सड़कों का दोबारा निर्माण नहीं होने से नाराज होकर अनशन पर थे। विधायक का कहना है कि जनता के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधायक खुद को हटाने और अस्पताल में ड्रिप लगाने की हर गतिविधि की जानकारी सोशल मीडिया पर अपडेट कर रहे हैं।

प्रशासन मुझे जबरन ले जा रहा

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने ट्ववीट कर दी जानकारी
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने ट्ववीट कर दी जानकारी

पहले ट्ववीट में लिखा कि चेकअप होने के बाद प्रशासन द्वारा मुझे जबरन सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा है। शासन व प्रशासन का मुझे इस तरह से ले जाना मेरे मूल अधिकारों का हनन है। मेरा आमरण अनशन मेरी जनता की मांगों के पूरी होने तक जारी रहेगा।

हाथ बांधकर जबरन ड्रिप लगाई

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने ट्ववीट कर दी जानकारी
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने ट्ववीट कर दी जानकारी

दूसरे ट्ववीट में लिखा कि मैं अपने अनशन के पहले दिन से लोकतांत्रिक तरीके से अनशन पर था, ना मेरी ओर से ना मेरे समर्थकों की ओर से कोई ऐसा कृत्य किया गया जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़े। शासन व प्रशासन द्वारा मुझे जबरन सिविल अस्पताल लाया गया और मेरे दोनों हाथ बांधकर जबरन ड्रिप लगाई।

विधायक ने 31 अक्टूबर को दिया था इस्तीफा

अमेठी की गौरीगंज सीट से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह अस्पताल में भर्ती
अमेठी की गौरीगंज सीट से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह अस्पताल में भर्ती

अमेठी के गौरी गंज विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए राकेश प्रताप सिंह ने 31 अक्टूबर को विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। विधायक ने त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर दिया था। इसके बाद विधायक लखनऊ में GPO पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। विधायक अपने क्षेत्र की दो जर्जर सड़कों का पुर्ननिर्माण नहीं होने से नाराज हैं। विधायक ने इस संबंध में पिछले दो अक्तूबर को जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर अंतिम चेतावनी दी थी।

हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर से सपा विधायक को लेकर जाती पुलिस
हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर से सपा विधायक को लेकर जाती पुलिस

विधायक ने कहा था कि 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक दोनों सड़कों का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया, लिहाजा इस्तीफा दे दिया और अब आमरण अनशन पर हैं।

विधायक ने पहले इस्तीफा दिया, फिर अनशन शुरू किया
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की इस्तीफे और आमरण अनशन को लेकर सियासी गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे पॉलिटिकल स्टंट करार दे रहें है तो कुछ इसे प्रेशर पॉलिटिक्स बता रहें है। समाजवादी पार्टी की राजनीति कर रहे कुछ नेताओं का कहना है कि लोकसभा 2019 के चुनाव में विधायक राकेश सिंह ने भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी की मदद की थी। इसी मामले पर अपनी पार्टी से उनकी दूरी भी बढ़ गई थी। राजनीति के जानकार कहते हैं कि भाजपा से टिकट कन्फर्म नही हुआ और अपनी पार्टी ने भी वेटिंग में डाल दिया, लिहाजा अपने अस्तित्व के लिए विधायक को यह कदम उठाना पड़ा है।

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह मच्छरदानी में बैठे
सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह मच्छरदानी में बैठे

अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं विधायक
सपा के टिकट पर 2012 के विधानसभा चुनाव में राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। 2012 में पहली बार विधायक चुने गए राकेश प्रताप की गिनती सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबियों में होती है।

2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश के चाचा व तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नाम से नई पार्टी बना ली थी। विधानसभा चुनाव के दौरान राकेश प्रताप को समाजवादी पार्टी के अलावा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने भी टिकट दिया। हालांकि, वे सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीतकर दोबारा विधानसभा पहुंचे।

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