हॉकी टीम के कोच पीयूष के अनकहे किस्से:यमुना में सीखते थे तैराकी, बड़े भाई के कहने पर हॉकी खेला; बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के फेयरवेल में धोती-कुर्ता में पहुंच गए थे

लखनऊ2 महीने पहलेलेखक: रवि श्रीवास्तव
  • टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद मेडल जीता है

टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 साल बाद मेडल जीता है। ओलिंपिक में इतिहास रचने वाली हॉकी पुरुष टीम के कोच पीयूष दुबे उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रसमई गांव के रहने वाले हैं। ओलिंपिक में जीत के बाद रसमई गांव जश्न में डूबा है। पीयूष की पढ़ाई प्रयागराज में हुई है।

पीयूष का बचपन में तैराकी की तरफ रुझान था, लेकिन बड़े भाई श्रवण के कहने पर वे हॉकी खेलने लगे थे। 2017 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) की तरफ से उन्हें स्पोर्ट्स साइंस की ट्रेनिंग के लिए ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी भेजा गया था।

एक महीने बाद जब यूनिवर्सिटी में फेयरवेल हुआ तो सभी को फॉर्मल कपड़े पहनकर आने के लिए कहा गया था, लेकिन पीयूष धोती-कुर्ता पहनकर पहुंच गए थे। दैनिक भास्कर ने पीयूष दुबे के बड़े भाई श्रवण दुबे, ताऊ उदयवीर दुबे और चचेरे भाई लखन दुबे से बात की तो उन्होंने उनसे जुड़ कई अनसुने किस्से बताए।

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