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UP से बहकर बिहार पहुंचे शव?:गाजीपुर में गंगा घाट पर 52 लाशें मिलीं, अब तक 110 से ज्यादा शव बरामद; बलिया में भी 12 से ज्यादा डेड बॉडी दिखीं

गाजीपुरएक महीने पहलेलेखक: मंगलेश तिवारी
गाजीपुर में गंगा के घाट पर लाशें मिलीं हैं। जांच के लिए डीएम ने कमेटी गठित कर दी है।

बिहार के बक्सर में गंगा किनारे मिलीं लाशों की गिनती अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि यूपी के गाजीपुर में भी गंगा घाट पर महज 800 मीटर की दूरी में 52 लाशें मिलीं हैं। 'दैनिक भास्कर' की टीम ने खुद इसकी गिनती की। दो दिन के अंदर करीब 110 लाशें बरामद हो चुकी हैं। उधर, बलिया में भी गंगा किनारे 12 से ज्यादा लाशें मिलीं हैं।

अब आशंका ये भी जताई जा रही है कि बक्सर में मिली लाशें भी यूपी से ही बहकर गई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गंगा गाजीपुर और बलिया से होते हुए ही बक्सर तक जाती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कल रात से प्रशासन ने 80 से 85 शवों को गंगा किनारे दफनाया है। हालांकि, प्रशासन इनकी संख्या 24 बता रहा है।

केंद्र ने दिया राज्य को जांच का निर्देश
इस बीच केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना से हो रही मौतों के बीच शवों को गंगा और और अन्य नदियों में फेंकने की घटना की सरकार जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाएं न हों।

डीएम ने जांच कमेटी बनाई
गाजीपुर के गहमर और करण्डा इलाके में गंगा किनारे लाशें देखते ही लोग परेशान हो गए। DM ने मामले की जांच के लिए ADM सिटी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है। इसके अलावा एक और मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है, जो ये गंगा में शवों को प्रवाहित करने पर नजर रखेगी।

एक दिन पहले ही बिहार में मिलीं थीं 71 से ज्यादा लाशें
सोमवार को ही बिहार के बक्सर स्थित चौसा श्मशान घाट में 71 से ज्यादा शव गंगा में मिले थे। पुलिस ने शवों को JCB की सहायता से जमीन में दफन कर दिया था। शवों के DNA व कोविड टेस्ट के लिए सैंपल भी लिए गए हैं।

इस मामले में अब दो राज्य आपस में भिड़ गए हैं। बिहार के बक्सर और UP के गाजीपुर जिलों के DM ने अपने-अपने यहां के शव होने से साफ इंकार कर दिया है। बक्सर जिला प्रशासन ड्रोन कैमरे से घाटों की निगरानी करने लगा है।

दो दिन पहले की कानपुर में यमुना किनारे मिलीं थी लाशें
दो दिन पहले ही कानपुर देहात के यमुना किनारे भी दो से तीन लाशें देखी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया था। इसके अलावा घाट किनारे पुलिस भी मुस्तैद कर दी गईं थीं। हालांकि, ये साफ नहीं हो पाया था कि ये लाशें कहां आई हैं।

कानपुर में एक हजार से ज्यादा लाशों को दफनाया गया
कानपुर और उन्नाव के श्मशान घाटों पर चिताओं के लिए लकड़ियां कम पड़ने लगी हैं। लोग हिंदू रीति-रिवाज और परंपरा छोड़कर शवों को दफन करने लगे हैं। ऐसी ही कई तस्वीरें कानपुर-उन्नाव के गंगा किनारे देखने को मिलीं। 'दैनिक भास्कर' ने इसकी पड़ताल की तो ये सच सामने आया। मालूम चला कि यहां गंगा किनारे घाट पर अब तक एक हजार से ज्यादा शवों को लोग दफन कर चुके हैं। वो भी महज 3 फीट की गहराई में।

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