पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Kamal Rani Varun Coronavirus Latest News Updates: Up Cabinet Minister Kamal Rani Had Won From Ghatampur Assembly

कैबिनेट मंत्री कमल रानी का अवसान:राम मंदिर आंदोलन में भी घाटमपुर विधानसभा में नहीं जीती थी भाजपा; कमल रानी ने यहां खिलाया था कमल

कानपुर21 घंटे पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण की एक तस्वीर। -फाइल फोटो
  • योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल रहीं मंत्री कमल रानी का रविवार सुबह लखनऊ के पीजीआई में हुआ निधन
  • बीते 15 दिनों से कोरोना संक्रमण का चल रहा था इलाज, पार्षद के चुनाव से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण की रविवार सुबह कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। वे 58 साल की थीं। उनका 15 दिनों से लखनऊ के एसजीपीआई में इलाज चल रहा था। वे कानपुर में घाटमपुर विधानसभा से विधायक थीं। यह यूपी की एक ऐसी सीट थी, जिस पर राम मंदिर आंदोलन में भी भाजपा को जीत हासिल नहीं हुई थी। लेकिन, 2017 में कमल रानी वरुण ने वह कर दिखाया, जिसकी आशा भाजपा ने छोड़ थी। उन्होंने अपनी जमीनी लोकप्रियता के सहारे सपा, बसपा और कांग्रेस के दबदबे को कमजोर करते हुए यहां कमल खिलाया। यही वजह थी कि, उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया और प्राविधिक शिक्षा मंत्री बनाया गया था।

पहली बार पार्षद के चुनाव में आजमाया था भाग्य

कमल रानी वरुण ने साल 1989 में पहली बार चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी। भाजपा ने उन्हें कानपुर के द्वारिकापुरी वार्ड से कानपुर पार्षद का टिकट दिया था। चुनाव जीत कर नगर निगम पहुंची कमल रानी 1995 में दोबारा उसी वार्ड से पार्षद निर्वाचित हुईं थी। भाजपा ने 1996 में उन्हें उस घाटमपुर (सुरक्षित) संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। अप्रत्याशित जीत हासिल कर लोकसभा पहुंची कमल रानी ने 1998 में भी उसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की थी।

लगातार दो चुनावों में मिली हार

1999 के लोकसभा चुनाव में कमल रानी को भाजपा ने फिर टिकट दिया। लेकिन, महज 585 मतों के अंतराल से बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल शंख्यवार के हाथों पराजित होना पड़ा था। 2012 में पार्टी ने उन्हें रसूलाबाद (कानपुर देहात) से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वह जीत नहीं सकी थी। 2015 में पति की मृत्यु के बाद 2017 में भाजपा ने उन्हें घाटमपुर सीट से मैदान पर उतारा। यहां भाजपा के सामने अपनी पैठ बनाना काफी मुश्किल था। लेकिन जब चुनाव के परिणाम आए तो वे घाटमपुर सीट से भाजपा की पहली विधायक चुनी जा चुकी थीं। पार्टी की निष्ठावान और अच्छे बुरे वक्त में साथ रहीं कमल रानी को योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज रिश्तेदारों या पड़ोसियों के साथ किसी गंभीर विषय पर चर्चा होगी। आपके द्वारा रखा गया मजबूत पक्ष आपके मान-सम्मान में वृद्धि करेगा। कहीं फंसा हुआ पैसा भी आज मिलने की संभावना है। इसलिए उसे वसूल...

और पढ़ें

Advertisement