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UP में वैक्सीन का संकट:गोरखपुर में टारगेट 16 हजार का मगर डोज बचे 7 हजार; लखनऊ में बुजुर्गों की लंबी कतार, समय पर नहीं पहुंचे वॉयल

गोरखपुर3 महीने पहले
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गोरखपुर में वैक्सीनेशन के लिए लगी लंबी कतार। - Dainik Bhaskar
गोरखपुर में वैक्सीनेशन के लिए लगी लंबी कतार।

लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी शरद कौशिक (80 साल) और शारदा कौशिक (75) शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के लिए लोहिया संस्थान पहुंच गए थे। उनको उस समय टोकन भी मिल गया। 14 नंबर का टोकन देकर बताया गया कि 9 बजे वैक्सीनेशन का काम शुरू होगा। लेकिन साढ़े नौ बजे तक भी काम शुरू नहीं हुआ। पता करने गए तो बताया गया कि अभी CMO कार्यालय से वैक्सीन नहीं आई है। उस समय पर संस्थान के अंदर वैक्सीन लगाने के लिए बने चार काउंटरों को मिलाकर करीब 500 से ज्यादा लोग पहुंच चुके थे। संस्थान के किसी व्यक्ति को भी नहीं पता था कि वैक्सीन अब तक आएगी। आखिर करीब 10.20 बजे वैक्सीन आई।

यह हाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है। योगी सरकार ने अब 45 साल आयु से ऊपर वालों के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। जबकि 18 से ऊपर आयु के लोगों को रजिस्ट्रेशन के बाद एक मई से टीका लगाया जा रहा है। ऐसे में लोग टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लेकिन अब टीके की किल्लत भी होने लगी है। गोरखपुर में आज कोरोना का टीकाकरण दिवस मनाया जा रहा है। इसके लिए 40 बूथ बनाए गए हैं। कुल 16 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य बनाया गया है। केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए लंबी-लंबी कतार लग रही है। लेकिन विभाग के पास महज 7 हजार डोज बचे हैं। ऐसे में लक्ष्य कैसे पूरा होगा, यह बड़ा सवाल है। UP के दो शहरों की एक रिपोर्ट...

पहले बात लखनऊ की। भास्कर की टीम ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल और महानगर स्थिति भाऊराव देशराज अस्पताल का दौरान किया। हालांकि इन दोनों जगहों पर वैक्सीन का काम तो शुरू कर दिया गया था। लेकिन वहां भी दिक्कतें मौजूद थी। सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि तीनों में किसी भी सेंटर पर वरिष्ठ नागरिकों (60 साल के ऊपर ) के लिए अलग से कोई काउंटर नहीं बनाया गया था। ऐसे में उनको भी बाकी लोगों की तरह लाइन में लगना पड़ रहा था।

दूसरे डोज वालों के लिए भी नहीं लगी लाइन
सिविल अस्पताल दूसरी डोज लगवाने पहुंचे लालजी वर्मा ने बताया कि उनको दूसरी डोज लेनी है। यहां लेकिन एक ही लाइन लग रही है। जबकि दूसरी डोज लेने वालों की संख्या कम है। इसमें ज्यादतर लोग 50 साल ऊपर वाले है। ऐसे में उनके लिए विशेष लाइन होनी चाहिए। बताया कि 8 बजे आ गए थे लेकिन दस बजे तक अभी नंबर नहीं आया है।

लखनऊ के लोहिया संस्थान में इंतजार करते लोग।
लखनऊ के लोहिया संस्थान में इंतजार करते लोग।

कोविशील्ड नहीं मौजूद है
18 से 44 साल के बीच के युवाओं को कोविशील्ड नहीं लग रही है। बाजार में क्योंकि यह मौजूद ही नहीं है। उप्र में अभी तक करीब 80 हजार लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें 68 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। सरकारी दावा है कि करीब 12 हजार लोग रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंच पाए।

वैक्सीनेशन के इंतजार में बैठे बुजुर्ग दंपती।
वैक्सीनेशन के इंतजार में बैठे बुजुर्ग दंपती।

प्रदेश में वैक्सीनेशन की स्थिति

कुल वैक्सीनेशन1,33,98,174
डोज वन1,73,9,795
डोज टू2,65,8,379
कुल सेंटर5,842
सरकारी सेंटर5,642
प्राइवेट200
कोविड शील्ड1,19,57,897
कोवैक्सीन1,44,0277
पुरूष6,052,612
महिला6,85,338

आयु वर्ग के अनुसार वैक्सीनेशन की स्थिति

45-60 साल49,81,268
60 से ऊपर44,32,745
18 से 30 साल4,49,533
30-45 साल8,73,404

लखनऊ में वैक्सीनेशन की स्थिति

डोज वन4,60,970
डोज टू15,187

गोरखपुर में पिछले डेढ़ माह से किल्लत

अप्रैल से शुरू हुई वैक्सीन की किल्लत अभी दूर होती नजर नहीं आ रही है। CMO के स्टोर में महज 515 वायल कोवैक्सीन के बचे हैं। इसके अलावा टीकाकरण केंद्रों में करीब 200 वायल बचे हैं। जबकि विभाग को शुक्रवार को तय लक्ष्य के मुताबिक टीकाकरण के लिए 1600 वायल वैक्सीन की दरकार है। वैक्सीन की संख्या कम होने के कारण विभाग ने सीमित टीकाकरण करने का फैसला किया है। इसके संकेत टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने दिए।

गोरखपुर में टीकाकरण करतीं नर्स।
गोरखपुर में टीकाकरण करतीं नर्स।

महज 33 केंद्रों पर हुआ टीकाकरण
वैक्सीन की किल्लत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण को सीमित कर दिया है। गुरुवार को 160 के बजाय 37 केंद्रों पर टीकाकरण हुआ। जिसमें 4,843 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें 3,426 को पहली डोज और 1,417 को दूसरी डोज लगाई गई। गुरुवार को 10 केंद्रों पर 18 साल से अधिक उम्र के युवाओं का भी टीकाकरण हुआ। इन 10 केंद्रों पर दो हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। जिसमें 1,871 लोगों को टीका लगा।

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