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हिंदी दिवस पर योगी सरकार का बड़ा फैसला:कोरोना से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 10 लाख की सहायता देगी UP सरकार

लखनऊएक महीने पहले
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आज टीम 9 की बैठक में कोरोना संक्रमण से जान गवांने वाले उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की मदद को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद फैसला लिया गया।- प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
आज टीम 9 की बैठक में कोरोना संक्रमण से जान गवांने वाले उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की मदद को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद फैसला लिया गया।- प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले पत्रकारों के घर वालों और आश्रितों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के शिकार दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को 10 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार के इस फैसले की जानकारी दी है।

टीम 9 की बैठक में लिया गया फैसला
आज टीम 9 की बैठक में कोरोना संक्रमण से जान गवांने वाले उत्तर प्रदेश के पत्रकारों की मदद को लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसे पत्रकारों के परिवारों की मदद का निर्देश दिया। बैठक में तय हुआ कि सरकार कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार या आश्रितों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता करेगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है। जल्द ही परिवारों को यह आर्थिक सहायता भी मुहैया करवा दी जाएगी।

जान जोखिम में डालकर उठाई आम आदमी की आवाज

वैश्विक महामारी कोविड-19 दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ही साथ पत्रकार भी एक्टिव रहे। माहामारी के दौरान पत्रकारों ने जान जोखिम में डाल कर कवरेज किया। सरकार के साथ ही आम जनता की आवाज भी उठाते रहें है। ऐस में पत्रकार बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल कर फील्ड रिपोर्टिंग की और संक्रमित भी हुए। ऐसे में योगी सरकार की इस पहल का स्वागत पत्रकारों के हितों के लिए बने संगठनों ने भी किया है।

संस्थान को लिखकर देना होगा

अधिकारियों का कहना है की इसमें एसी कोई बाध्यता नहीं रखी जाएगी की वो राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त हो। सभी तरह के श्रमजीवी पत्रकारों को यह लाभ दिया जाएगा। शर्त यह है कि उन्हें अपने संस्थान से जारी लेटर देना होगा। किस अस्पताल में कोविड का इलाज हुआ उसके डॉक्यूमेंट्स जमा कराने होंगे। इसके लिए संबंधित पत्रकार को सूचना विभाग में आवेदन करना होगा। जिसका निस्तारण बारी बारी से किया जाएगा।

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