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शाहजहांपुर का सामूहिक हत्याकांड:पत्नी फोन पर सूदखोर से मांगती रही घर खाली करने का समय, सूदखोर बोला-मुझसे पर्सनली मिल लो आपको सब दे दूंगा; जवाब मिला-हम अब खाली हाथ ही जायेंगे

शाहजहांपुर7 दिन पहले
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7 जून को सामूहिक आत्महत्या से पहले अखिलेश की पत्नी रेशु ने सूदखोर अविनाश से फोन पर लगभग 5 मिनट बात की थी। जिसमे वह बार बार बच्चों की भूख का हवाला देते हुए मकान खाली करने का समय मांग रही थी। - Dainik Bhaskar
7 जून को सामूहिक आत्महत्या से पहले अखिलेश की पत्नी रेशु ने सूदखोर अविनाश से फोन पर लगभग 5 मिनट बात की थी। जिसमे वह बार बार बच्चों की भूख का हवाला देते हुए मकान खाली करने का समय मांग रही थी।

शाहजहांपुर में बीते 7 जून को दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने अपनी पत्नी और 2 बच्चों के संग फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि सूदखोर अविनाश बाजपाई ने अखिलेश को 12 लाख रूपए ब्याज पर दिए थे। जिसके बदले वह 32 लाख ऐंठ चुका था और 50 लाख के मकान की रजिस्ट्री भी करा चूका था। इसके बावजूद वह 70 लाख रुपयों की मांग और कर रहा था। हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है। बताया गया है कि 7 जून को सामूहिक आत्महत्या से पहले अखिलेश की पत्नी रेशु ने सूदखोर अविनाश से फोन पर लगभग 5 मिनट बात की थी।

पत्नी रेशु घर खाली करने का समय मांगती रही नहीं पसीजा सूदखोर का दिल

बताया जा रहा है कि 7 जून घटना वाले दिन सुबह सुबह अखिलेश गुप्ता की पत्नी रेशु की सूदखोर अविनाश बाजपाई से बात हुई। रेशु फोन पर बार बार यही कह रही है कि हमें घर खाली करने का समय दे दो। बच्चों ने अभी कुछ खाया भी नहीं है। इसके बावजूद सूदखोर अविनाश का मन नहीं पसीजा। उसने फोन पर कहा नहीं 2 घंटे में मकान खाली कर दो। बताते चले फोन कॉल की यह ऑडियो अभी पुलिस के पास मौजूद हैं। ऑडियो के प्रमुख अंश कुछ इस तरह से हैं।

पत्नी रेशु: क्या आपकी शिवांक के पापा से कोई बात हुई थी?

सूदखोर अविनाश: हां, घर खाली करने के लिए कहा था।

पत्नी रेशु: घर के जो रुपये बन रहे हैं। वह हम देने के लिए तैयार है।

सूदखोर अविनाश: रुपये नहीं अब घर खाली करना होगा।

पत्नी रेशु: ठीक है मुझे चार बजे तक का वक्त दे दो।

सूदखोर अनिवाश: नही इतना वक्त नहीं है। आपको अभी घर खाली करना होगा।

पत्नी रेशु: बच्चों और हम लोगों ने कुछ खाया नहीं है।

सूदखोर अविनाश: आपके पास दो घंटे का वक्त है। घर खाली कर दो और हां घर का कोई भी सामान लेकर नही जाओगी।

पत्नी रेशु: ठीक है मैं कुछ भी नहीं ले जाऊंगी।

सूदखोर अविनाश: आप लोग सिर्फ अपने कपड़े ले सकते हो।

पत्नी रेशु: कपड़े पैक करने और बच्चों को खाना खिलाने में कुछ वक्त लगेगा। तीन बजे तक समय दे दो।

सूदखोर अविनाश: मैं इतना वक्त नही दे पाउंगा। इसलिए मैं अभी आ रहा हूं। मुझको घर खाली चाहिए।

पत्नी रेशु: मुझे दो बजे तक का समय दे दो। (काफी रूआंसी आवाज के साथ कहा।)

सूदखोर अविनाश: आप एक बजे तक घर खाली कर दो और उसके बाद मुझसे पर्सनली मिल लेना। मैं गलत इंसान नहीं हूं। घर खाली करने के बाद मैं घर के अंदर आऊंगा और तब आपको जो चाहिए होगा। वो सब मैं आपको भेज दूंगा।

पत्नी रेशु: मुझे कुछ नही चाहिए। ठीक है मैं अब खाली हाथ ही जाऊंगी।

घर में मिले थे 4 चाय के कप

7 जून को जब पुलिस घर में पहुंची तब उसे वहां 4 चाय के कप मिले थे। ऑडियो आने के बाद यह साफ़ हो गया है कि अखिलेश और उसकी पत्नी रेशु के ऊपर घर खाली करने का दबाव था। वह बच्चों को सिर्फ चाय और उसमे नशीली गोलियां डालकर ही पिला पायी थी। जबकि ऑडियो में रेशु बार बार सूदखोर से बच्चों के भूखे होने का हवाला दे रही थी।

अब घर पहुंचने लगे मंत्री

गुरूवार को जहां मृतक परिवार के परिजनों से मिलने कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी पहुंचे थे वहीँ शुक्रवार को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी पहुंचे। प्रभारी मंत्री ने परिवार को दिलासा देने के बाद कहा कि इस प्रकरण का संज्ञान मुख्यमंत्री ने लिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि परिवार से मुलाकात कर उनके दर्द को समझे। इसलिए वह आयें हैं। मंत्री ने कहा कि अविनाश के अन्य साथियों पर और जो भी इस घटना में उसके साथ शामिल रहे हैं। उनको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सूदखोरी का काम काफी ज्यादा फल फूल गया है। मुख्यमंत्री ने सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।

गुरूवार को जहां मृतक परिवार के परिजनों से मिलने कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी पहुंचे थे वहीँ शुक्रवार को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी पहुंचे।
गुरूवार को जहां मृतक परिवार के परिजनों से मिलने कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी पहुंचे थे वहीँ शुक्रवार को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी पहुंचे।

मां-बाप का रो रोकर बुरा हाल है

वहीं चार लोगों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर देने वाले सूदखोर के खिलाफ पिता ने फांसी की मांग की है। पिता अशोक कहते हैं कि बेटा ही मेरा परिवार था, मेरा सबकुछ था। सूदखोर ने बेटे को इतना परेशान किया कि बेटे को अपने ही हाथों से खुद और पूरे परिवार को खत्म करना पड़ा। जो शख्स चार लोगों को फांसी पर लटकने को मजबूर कर सकता है तो फिर उस शख्स को भी फांसी पर लटकाना चाहिए। बेबस पिता अब सिर्फ रोने के कुछ नहीं कर पा रहा है। मां भी रोते रोते निढाल सी हो गयी है।

गृहप्रवेश के वक्त बाप बेटे साथ थे

पिता अशोक गुप्ता ने कहा कि दीपावली पर जब बेटे ने इस घर के अंदर प्रवेश किया था। तब सभी लोग इस पूजा में शामिल हुए थे। उस वक्त ऐसा नहीं लग रहा था कि मेरा बेटा इस तरह के मकड़जाल में फंसा हुआ है। पिता अशोक ने ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को एक प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें मुख्यमंत्री, कैबिनेट मिनिस्टर सुरेश कुमार खन्ना, प्रभारी मंत्री कफिल देव अग्रवाल और एसपी से गुहार लगाई कि सूदखोर अविनाश ने 12 लाख रुपये देकर 32 लाख रुपये वसूल किये थे। उसके बाद अखिलेश का घर सूदखोर ने अपने नाम करा लिया था। बाद अखिलेश को ही अपने घर के अंदर किरायेदार बना दिया था। सूदखोर घर के बदले अखिलेश से 70 लाख रुपये और मांग रहा था। पिता ने मांग की है कि सूदखोर द्वारा अखिलेश से मकान की कराई गई रजिस्ट्री को निरस्त किया जाए। सूदखोर द्वारा अखिलेश से तय धन के ज्यादा वसूले गये रुपये को वापस कराया जाए। साथ ही अविनाश के अन्य साथियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।

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