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अस्थायी कोविड अस्पताल पर मौसम की मार:राजकीय मेडिकल कॉलेज में टेंट और टेबल लगाकर किया जा रहा था इलाज, आंधी-पानी में उड़ गया

शाहजहांपुरएक महीने पहले
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गुरूवार को टेंट में सिर्फ 7 से 8 मरीजों का ही इलाज शुरू किया गया था। इनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ था लेकिन ज्यादातर मरीज बुखार और सांस की दिक्कत वाले ही थे। - Dainik Bhaskar
गुरूवार को टेंट में सिर्फ 7 से 8 मरीजों का ही इलाज शुरू किया गया था। इनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ था लेकिन ज्यादातर मरीज बुखार और सांस की दिक्कत वाले ही थे।
  • अस्पतालों में बेड की कमी की वजह से टेंट और टेबल पर हो रहा था इलाज

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मरीजों की भीड़ को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन परिसर में ही अस्थायी टेंट लगाकर टेबल पर मरीजों की भर्ती कर रहा था। अभी एक दिन ही बीता था कि यह व्यवस्था भी ख़राब मौसम की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश ने यह व्यवस्था भी ख़त्म कर दी। जिसके बाद मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें शुरू हो गई।

स्ट्रेचर नहीं मिला तो चादर में चार लोग लपेटकर ले जा रहे मरीज को

बारिश को देखते हुए आनन् फानन में तीमारदारों ने अपने मरीजों को मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में शिफ्ट करना शुरू कर दिया। हालत यह हुई कि जब मरीजो को स्ट्रेचर नहीं मिला तो तीमारदारों ने उन्हें चादर में लपेटकर ट्रामा सेंटर के अंदर पहुंचाया। यही नहीं मेडिकल कॉलेज स्टाफ की कमी से भी तीमारदारों को झेलना पड़ा।

अस्पतालों में बेड की कमी की वजह से टेंट और टेबल पर हो रहा था इलाज

कोरोना के चलते अस्पताल में बेड की कमी के चलते जो मरीज आ रहे थे। उनका टेंट लगाकर टेबल पर इलाज किया जा रहा था। गुरूवार को लगाये गए टेंट और टेबल शुक्रवार को ख़राब मौसम के चलते उखड़ गए। हालांकि गुरूवार को टेंट में सिर्फ 7 से 8 मरीजों का ही इलाज शुरू किया गया था। इनमें से किसी का कोविड टेस्ट नहीं हुआ था, लेकिन ज्यादातर मरीज बुखार और सांस की दिक्कत वाले ही थे।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि हम अच्छा इलाज और व्यवस्था देने की कोशिश कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि हम अच्छा इलाज और व्यवस्था देने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रामा में बेड नहीं मिला तो गैलरी में लगाया टेबल

यही नहीं तीमारदारों को जब ट्रामा सेंटर में बेड नहीं मिला तो मरीजों को बारिश और तूफ़ान से बचाने के लिए तीमारदारों ने ट्रामा सेंटर की गैलरी में टेबल पर ही अपने मरीजों को लिटा दिया। कुछ मरीजों को टेबल नहीं मिला तो फर्श पर ही उन्हें शिफ्ट कर दिया गया।

क्या कहना है मेडिकल कॉलेज प्रशासन का

राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्रवक्ता पूजा त्रिपाठी पांडेय ने बताया कि बारिश आने के कारण सभी मरीजों को ट्रामा सेंटर के अन्दर लाया गया है। उसके बाद फिर से टेंट ठीक करके उनको उसमें शिफ्ट किया जाएगा। हर तरह से मरीजों को अच्छा इलाज और उनको व्यवस्थाएं देने की कोशिश कर रहे हैं।

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