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सफेद कफन का काला कारोबार:चिताओं से उतरे कफन पर नया स्टीकर लगाकर बेचने वाला गैंग पकड़ा गया, श्मशान में रखे थे दिहाड़ी मजदूर

बागपतएक महीने पहले

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में श्मशान और कब्रिस्तानों से कफन चुराकर उन्हें दोबारा बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। गैंग में एक कपड़ा व्यापारी, उसका बेटा और भतीजा शामिल हैं। इनके साथ उनकी दुकान पर काम करने वाले 4 कर्मचारी और अंत्येष्टि स्थलों पर मजदूरी करने वाले लोग भी जुड़े हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

गैंग के सरगना ने श्मशानों और कब्रिस्तानों पर मुर्दों के कफन और कपड़े चुराने के लिए 300 रुपए दिहाड़ी पर मजदूर रखा था। अहम बात यह है कि चुराए गए कफन उन लोगों के भी थे, जिनकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई थी। आरोपी कारोबारी शवों से उतरे कफन की धुलाई के बाद उन पर प्रेस करवा देता था। इसके बाद ग्वालियर मार्का स्टीकर लगाकर रीपैकिंग कर इन्हें बेच देता था। एक कफन की कीमत 400 रुपए ली जाती थी।

ग्वालियर की कंपनी का स्टीकर लगाते थे
CO बड़ौत आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी श्मशान घाट, कब्रिस्तान पर रहने वालों को 300-400 रुपए का लालच देकर मुर्दों के कफन, कुर्ता-पजामा, कमीज, धोती चोरी कराते थे। इसके बाद कपड़ों को प्रेस करके उन्हें फर्जी रिबन और ग्वालियर कंपनी का स्टीकर लगाकर बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर गैंग को पकड़ा है। मौके से 10 गठरी कफन और कपड़े बरामद किए गए हैं।

पकड़े गए आरोपियों में बड़ौत के नई मंडी में रहने वाला प्रवीण जैन, उसका बेटा आशीष जैन और भतीजा ऋषभ जैन, छपरौली के सबगा गांव का श्रवण कुमार शर्मा शामिल हैं। इनके अलावा राजू शर्मा, बबलू और शाहरूख को भी पकड़ा गया है। ये सभी कपड़ा व्यापारी हैं। आरोपियों पर धारा-144 का उल्लंघन और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों से मिला सामान

  • सफेद और पीली चादर (कफन)- 520
  • कुर्ता- 177
  • सफेद कमीज- 140
  • धोती सफेद- 34
  • गर्म शॉल रंगीन- 12
  • धोती (महिला)- 52
  • रिबन के पैकेट- 3
  • रिबन ग्वालिया- 158
  • टेप कटर- 01
  • ग्वालियर की कंपनी के स्टीकर- 112
महामारी अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
महामारी अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

10 साल से चल रहा था यह काम
इंस्पेक्टर बड़ौत अजय शर्मा ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की गई है। पता चला है कि आरोपी व्यापारी पिछले 10 साल से कफन और कपड़े की चोरी करवाकर धुलाई-रीपैकिंग के बाद फिर से ग्राहकों को बेच रहा था।

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