UP के बागपत में 28 दिन में 34 मौत:लूम्ब गांव के प्रधान ने मृतकों की सूची जारी की, हेल्थ विभाग से पूछा- आखिर क्यों मर रहे लोग

बागपत5 महीने पहले
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लूम्ब गांव में आरोग्य केंद्र है। यहां गंदगी काअंबार है। आरोग्य केंद्र में गोबर, उपले, कूड़ा कचरा आदि जमा हैं। - Dainik Bhaskar
लूम्ब गांव में आरोग्य केंद्र है। यहां गंदगी काअंबार है। आरोग्य केंद्र में गोबर, उपले, कूड़ा कचरा आदि जमा हैं।

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का कहर जारी है। बागपत के लूम्ब गांव में 28 दिन में 34 लोगों की मौत का दावा किया गया है। नव निर्वाचित प्रधान ने मृतकों के नामों की सूची जारी की है। उनका दावा है कि यह मौतें 18 अप्रैल से 15 मई के बीच हुई हैं।

मृतकों में कोई बुखार से पीड़ित था तो सर्दी-खांसी और जुकाम से। कुछ लोग गंभीर बीमारियों की भी चपेट में थे, लेकिन इतने कम दिन में इतनी ज्यादा मौतों से गांव में खौफ है। प्रधान ने इन ग्रामीणों की मौत कैसे और क्यों हुई, इसकी जांच की मांग की है। प्रधान ने यह सूची स्वास्थ्य विभाग को भी भेजी है। इसके बाद गांव में हेल्थ टीम ने कुछ लोगों के सैंपल लिए हैं।

ग्रामीणों में डर का माहौल
बड़ौत तहसील में छपरौली थाना क्षेत्र के लूम्ब गांव निवासी प्रधान बहादुर सिंह का कहना है गांव की आबादी करीब 12 हजार है। यहां करीब 2 हजार परिवार रहते हैं। गांव में कोरोना की बीमारी नहीं फैली है। ऐसे में लोग किस बीमारी से मर रहे हैं, इसका पता नहीं चल पा रहा है, क्योंकि जांच नहीं हुई है।

गांव में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों में डर है कि कहीं मौत का अगला शिकार वह न हो जाएं। इसीलिए लोग अब घरों में कैद हो गए हैं।

एक माह में इनकी हुई मौत
वीरसेन, कृष्णपाल, बिरसेन, तेजपाल, सुंदर, सुभाष, पप्पू, मुकेश, कृष्णा, शौकीन, मोजू, सत्तार, हड़डू शेख, जय भगवान, हकीमुद्दीन, अतर सिंह, रामनिवास, इंदर, कबूली, कलीराम, महावीर, कमलेश, बोहति, डॉ ईश्वर सिंह, धर्मपाल फौजी की पत्नी, हफिजू मुला, कृष्णपाल की मां, सत्यवान, कतार सिंह, रगवीर, बोहति, मुनेश, उदयवीर की मां समेत कुल 34 लोगों की मौत हुई है।

ग्राम प्रधान ने सूची जारी स्वास्थ्य विभाग से टेस्टिंग कराने की मांग की। इसके बाद रविवार और सोमवार को यहां सैंपलिंग शुरू की गई है।
ग्राम प्रधान ने सूची जारी स्वास्थ्य विभाग से टेस्टिंग कराने की मांग की। इसके बाद रविवार और सोमवार को यहां सैंपलिंग शुरू की गई है।

गांव का आरोग्य केंद्र अव्यवस्था का शिकार
लूम्ब गांव में आरोग्य केंद्र है। आरोग्य केंद्र में गोबर, उपले, कूड़ा कचरा आदि जमा है। ग्राम प्रधान बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव के मृतकों की सूची जारी की थी। इसके बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची थी। उन्होंने लोगों के सैंपल लिए हैं। आज भी गांव में डॉक्टर की टीम टेस्टिंग कर रही है। सैनेटाइजेशन भी गांव में करवाया गया है। प्रधान ने यह आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों से गांव के किसी व्यक्ति का टीकाकरण नहीं हुआ है।

जांच में जुटे अफसर
गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ग्राम प्रधान द्वारा पोल खोलने के बाद इस पूरे मामले में DM बागपत राजकमल यादव या CMO बागपत डॉ. आरके टण्डन का कोई भी बयान सामने नहीं आया है। हालांकि आला अधिकारी इस मामले की जांच में जरूर जुट गए हैं।

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