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UP के अस्पताल में तड़पते मरीजों का VIDEO:मां को खाली ऑक्सीजन सिलेंडर दिया तो बेटी ने रोते हुए वीडियो बनाया; कहा- मनमर्जी से बांटे जा रहे सांसों के सिलेंडर

उरईएक महीने पहले
उरई के अस्पताल के दो वीडियो सामने आए हैं। इसमें तड़पते मरीज दिख रहे हैं।

इस खबर का मकसद आपको डराना नहीं, बल्कि सच्चाई से रूबरू कराना है। हो सकता है ये वीडियो देखकर आप विचलित हो जाएं, क्योंकि इसमें छटपटाती जिंदगी है। अस्पताल की फर्श पर मरीजों की टूटती सांसें हैं। मदद की गुहार लगा रही बेटी है। वीडियो देखकर आप समझ जाएंगे कि उत्तर प्रदेश में हालात कितने खराब हैं।

उरई के जिला अस्पताल में मरीजों की ये दुर्दशा इसलिए है, क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने मौत से जंग लड़ रहे इन मरीजों को ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर पकड़ा दिए हैं। बेबस मरीजों ने नाक में ऑक्सीजन का मास्क तो लगा लिया, लेकिन तड़प बरकरार रही। इन वीडियो को देखिए और खुद तय करिए कि कौन सच बोल रहा है। प्रदेश सरकार या फिर ये वीडियो...

मेरी मां तड़प रही है, लेकिन वो लोग सिलेंडर होते हुए भी नहीं दे रहे...
उरई के जिला अस्पताल में एक बेटी अपनी मां की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रही है। तड़पते हुए मां को देख बेटी ने वीडियो बनाया। बोली, 'मैं मेडिकल कॉलेज में मां का इलाज कराने आई हूं। इनका ऑक्सीजन लेवल 72 है। यहां आने के बाद जो सिलेंडर लगाया गया, उसमें गैस नहीं है। पूछने पर बता रहे हैं कि ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है। लेकिन मेरी आंखों के सामने ही सिलेंडर से भरी गाड़ी आई है। यहां के कर्मचारी मनमाने तरीके से सिलेंडर बांट रहे हैं। मेरी मां को प्लीज बचा लीजिए।'

गलियारों में तड़पते हुए मरीजों का वीडियो
उरई के उसी जिला अस्पताल का एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है। इसमें अस्पताल के फर्श पर एक नहीं बल्कि 5-6 मरीज तड़पते हुए दिख रहे हैं। इनमें से एक या दो ने ऑक्सीजन मास्क भी लगा रखा है, लेकिन सिलेंडर में गैस ही नहीं है। पति को तड़पता देख उसकी पत्नी ऑक्सीजन मास्क कान में लगाकर प्रेशर चेक करते दिख रही है और मरीज की सांसें टूट रही हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन और बेड की कमी से इनकार किया
मरीजों को राजकीय हॉस्पिटल में न तो बेड मिल रहा है और न ही ऑक्सीजन। आलम ये है कि मरीज अस्पताल की चौखट पर ही अपनों के सामने तड़पते हुए दम तोड़ रहे हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल द्विजेंद्र नाथ का दावा इस वीडियो का सिरे से नकारने वाला है। वे कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज में 300 बेड की व्यवस्था है। इस वक्त 216 मरीज भर्ती हैं। न तो बेड की कमी है और न ही ऑक्सीजन की। जैसे ही ऑक्सीजन की गाड़ी आती है, तीमारदार अपने-अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर लूट लेते हैं। होल्डिंग एरिया में 20 बेड पड़े हुए हैं, कुछ मरीज वहां भी पहुंच जाते हैं। जैसे ही मरीजों की संख्या बढ़ती है उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।

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