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पंचायत चुनाव बना काल:ग्राम प्रधान चुने गए तीन लोगों की मौत, किसी की बुखार से तो किसी को सांस लेने में थी दिक्कत

मेरठएक महीने पहले
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रामेश्वरी का बड़ा बेटा सेना में है और छोटा बेटा आशीष गांव में खेती करता है। मृतक रामेश्वरी की फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
रामेश्वरी का बड़ा बेटा सेना में है और छोटा बेटा आशीष गांव में खेती करता है। मृतक रामेश्वरी की फाइल फोटो
  • 2 प्रधानो की मौत मंगलवार को हुई जबकि महिला प्रधान की मौत गुरुवार को हुई
  • जिस दिन जीत का जश्न मनाना था उस दिन अर्थी उठी

यूपी में पंचायत चुनाव के बाद जीते हुए प्रत्याशियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते मंगलवार से शुक्रवार के बीच मेरठ में एक नवनियुक्त महिला प्रधान और संभल में 2 जीत कर आये प्रधानो की मौत हो गयी है। सबसे ख़ास बात इन तीनो लोगों का कोविड टेस्ट नहीं हुआ था। इनमे से किसी की बुखार से तो किसी को सांस लेने में दिक्कत की वजह से मौत हुई है।

देवर को हरा कर 78 साल की उम्र में जीती थी महिला प्रधान

उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के माछरा ब्लॉक के गांव ऐतमादपुर की नवनियुक्त महिला प्रधान रामेश्वरी देवी जीत का जश्न मनाने से पहले ही ज़िदगी की जंग हार गई। परिक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव एतमादपुर की 78 वर्षीय रामेश्वरी ने चार दिन पहले पंचायत चुनाव में अपने ही सगे देवर को 100 वोटों के फासले से हराया था। चुनाव नतीजे आते ही रामेश्वरी जीत की खुशी बर्दाश्त नहीं कर पाई और अचानक ‌तबियत बिगड़ गई। तबियत बिगड़ने पर बेटे आशीष ने रामेश्वरी को मेरठ के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने महिला प्रधान को बुखार और निमोनिया की शिकायत बताकर इलाज शुरू कर दिया। गुरूवार देर रात महिला प्रधान की निमोनिया से मौत हो गई। रामेश्वरी के बेटे आशीष ने बताया चुनाव से पहले तय कर लिया था अगर जीते तो भंडारा करेंगे और जश्न मनाएंगे, लेकिन क्या पता था तकदीर ये दिन दिखाएगी। जिस मां की जीत पर भंडारा करने की तैयारी थी, उस मां को अब नम आंखों से विदा कर रहे हैं।

रामेश्वरी के पति स्व. रकम सिंह गांव में तीन बार प्रधान रहे।
रामेश्वरी के पति स्व. रकम सिंह गांव में तीन बार प्रधान रहे।

संभल में भी जीते हुए प्रधानो की हुई मौत

संभल के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट दीपेन्द्र यादव के मुताबिक मधना और राझा गांव के नवनियुक्त प्रधान अम्बरीष कुमार (45) और दुष्यंत कुमार (52) की सांस लेने में दिक्कत की वजह से मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि इन दोनों का कोविड टेस्ट नहीं हुआ था। तबियत ख़राब होने पर परिजन ने जिले से बाहर इलाज के लिए ले गए थे। दोनों ग्राम प्रधानो की मौत मंगलवार को हुई है।

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