प्रयागराज में 3 हजार मकानों के डूबने का खतरा:राजस्थान और मध्यप्रदेश से छोड़े गए 17 लाख क्यूसेक पानी से गंगा-यमुना उफान पर, जालौन में हाईवे डूबा

लखनऊ3 महीने पहले
  • प्रयागराज के अलावा हमीरपुर, वाराणसी, चित्रकूट और जालौन में बाढ़ से बिगड़े हालात

लगातार बारिश से यूपी में नदियां उफान पर हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश से पानी छोड़े जाने के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे की निशान की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। यहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट किया गया है। हमीरपुर में यमुना और बेतवा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि जालौन में स्टेट हाइवे पर यमुना का पानी आ गया है।

वहीं, औरैया में लोहे का बना पीपे का पुल भी बह गया है। चित्रकूट में कई गांव के रास्ते पानी की वजह से कट गए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। घाटों पर निगरानी के लिए पुलिस लगाई गई है।

प्रयागराज: 700 घरों में घुसा पानी, नदियों के किनारे दाह संस्कार रुका

संगम में लेटे हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
संगम में लेटे हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के चंबल बैराज से 17.85 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा और यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा और यमुना खतरे के निशान से महज दो मीटर ही नीचे हैं।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
प्रयागराज के किनारे वाले इलाकों में करीब 700 मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। आशंका है कि शनिवार तक तीन हजार मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा। प्रशासन ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी की टीमों को एलर्ट किया है। लोगों को पहले से ही सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मुनादी कराई जा रही है। प्रशासन ने राहत-बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 0532-2641577, 2641578 जारी कर दिया है।

बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर करीब 95 सेमी. बढ़ा है। नैनी में यमुना का जलस्तर 88 सेमी. बढ़ा है। जलस्तर बढ़ने से दोनों नदियों के किनारे शवों के दाह संस्कार में परेशानी आ रही है। सड़कों पर ही अंतिम संस्कार भी कराया जा रहा है। दारागंज घाट पर दाह संस्कार प्रशासन ने रोक दिया है।

प्रशासन ने बचाव के लिए बोट का इंतजाम किया है।
प्रशासन ने बचाव के लिए बोट का इंतजाम किया है।

गंगा-यमुना का जलस्तर
खतरे का निशान: 84.73 मीटर
चेतावनी बिंदु: 83.73 मीटर।
गंगा- फाफामऊ: 82.35 मीटर।
गंगा- छतनाग: 81.45 मीटर।
यमुना नैनी: 82.04 मीटर।

प्रयागराज में तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से बस्तियों की तरफ बढ़ रहा है।
प्रयागराज में तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से बस्तियों की तरफ बढ़ रहा है।

प्रशासन ने की ये तैयारी

  • बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर: 0532-2641577, 2641578
  • बाढ़ नियंत्रण प्रभारी उपजिलाधिकारी सदर: 9454417814
  • 98 बाढ़ चैकियां
  • 110 बाढ़ शरणालय
  • संगम क्षेत्र में जल पुलिस, एसडीआरएफ और पीएसी अलर्ट
  • एनडीआरएफ की टीम भी आएगी
  • प्रशासन के पास 20 मोटर बोट/मोटर लांच समस्त जीवन रक्षक उपकरणों सहित उपलब्ध
  • मेला प्रशासन, लोक निर्माण, सिंचाई विभाग और विकास प्राधिकरण को मिलाकर कुल नौ मोटर बोट हैं
  • 2000 प्राइवेट नाव तथा 5 प्राइवेट मोटर बोट
  • 20 सरकारी और 15 प्राइवेट गोताखोर

हमीरपुर: अभी यमुना-बेतवा में बढ़ेगा पानी
हमीरपुर में यमुना नदी खतरे के निशान से 2 सेमी ऊपर बह रही है। बेतवा में भी लगातार पानी बढ़ रहा है। यमुना का पानी पुलों को छू रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता करण पाल का कहना है कि यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ना है, जिसकी वजह से बेतवा नदी भी बढ़ेगी। फिलहाल किसी भी हालात से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट है। बाढ़ चौकियों पर लगातार प्रशासन नज़र बनाये हुए हैं।

हमीरपुर में यमुना नदी खतरे के निशान से 2 सेमी ऊपर बह रही है।
हमीरपुर में यमुना नदी खतरे के निशान से 2 सेमी ऊपर बह रही है।

जालौन: स्टेट हाइवे पर पहुंचा यमुना का पानी
जालौन में भी यमुना अपना रौद्र रूप दिखा रही है। शुक्रवार को यमुना नदी का पानी जालौन-औरैया स्टेट हाईवे पर भी पहुंच गया है। यह सड़क के डेढ़ मीटर ऊपर बह रहा है। राजमार्ग पर पानी आ जाने से जालौन-औरैया मार्ग को बंद कर दिया गया है। कुठौंद पुलिस ने इस मार्ग पर बैरीकेट्स लगा दिए है, ताकि कोई भी वाहन आगे न जा सके।

मध्य प्रदेश की सिंध नदी और राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल में छोड़े गए पानी के कारण जालौन में यमुना नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। यह पानी 25 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता जा रहा है।

जालौन में लोहे का बना पीपे का पुल भी बहकर आया हुआ है।
जालौन में लोहे का बना पीपे का पुल भी बहकर आया हुआ है।

चित्रकूट: यमुना के पानी ने रोका कई गांवों का रास्ता
चित्रकूट में भी यमुना उफान पर है। यहां राजापुर तहसील के तहत आने वाले इलाकों में यमुना नदी में बाढ़ के कारण सड़क पर 5 फुट तक पानी भरा है। कई गांवों के रास्ते बंद हैं। परदवां, मवई कला और बरहा कोटरा समेत कुछ गांवों में आने-जाने के लिए प्रशासन ने 11 नावों का इंतजाम किया है। राजापुर क्षेत्र में एक नाव चल रही थी। वह खराब पड़ी है। लोगों ने बताया कि अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई सुविधा नहीं मिल रही है।

कुछ गांवों में आवाजाही के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है।
कुछ गांवों में आवाजाही के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है।

वाराणसी: गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन पुलिस रख रही है नजर
वाराणसी में गंगा का जलस्तर शुक्रवार सुबह चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया। 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा अब चेतावनी बिंदु यानी 70.262 मीटर से सिर्फ 90 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं।
गंगा को चेतावनी बिंदु के नजदीक बढ़ते हुए देख कर प्रमुख गंगा घाटों पर पुलिस तैनात की गई है। इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर गोदौलिया चौराहा पर पुलिस लोगों को यह समझाने के लिए लगाई गई है कि वे बेवजह नदी तट की ओर न जाएं।

वाराणसी में घाट पर नजर रखने के लिए पुलिस लगाई गई है।
वाराणसी में घाट पर नजर रखने के लिए पुलिस लगाई गई है।
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