ऐसे तो और बढ़ेगा कोरोना:वाराणसी में गंगा घाटों पर उमड़े लोग; महामारी की सबको जानकारी मगर न चेहरे पर मास्क था, न ही सोशल डिस्टेंसिंग दिखी

वाराणसीएक वर्ष पहले
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यह फोटो वाराणसी में अस्सी घाट की है। ऑरेंज साड़ी में श्वेता अपने परिवार के साथ यहां पहुंची थीं। लेकिन मास्क किसी ने नहीं लगाया था। - Dainik Bhaskar
यह फोटो वाराणसी में अस्सी घाट की है। ऑरेंज साड़ी में श्वेता अपने परिवार के साथ यहां पहुंची थीं। लेकिन मास्क किसी ने नहीं लगाया था।
  • काशी के घाटों पर रियलिटी चेक में सामने आई सच्चाई
  • लोग मास्क पहनने को लेकर बहाना बनाते दिखे

दो गज की दूरी बहुत जरूरी... मास्क जरूर पहनें... इस तरह के तमाम स्लोगन आसपास लिखे दिख जाएंगे जो कोरोना महामारी से बचाव के लिए सचेत करते हैं। सरकार व प्रशासन भी कोरोना की एडवायजरी को मानने के लिए कहती है। लेकिन लोग लापरवाह बने हुए हैं। इसकी बानगी काशी के घाटों पर देखने को मिली। यहां घूमने के लिए तमाम लोग अब आने लगे हैं। देश वर्तमान में किस चीज से ज्यादा परेशान है तो लोगों की जुबां पर बरबस ही कोरोना वायरस का नाम आता है। लेकिन, लोगों ने न तो चेहरे पर मास्क लगा रखा था न ही सोशल डिस्टेंसिंग। परिजन छोटे छोटे बच्चों के साथ यहां पहुंचे थे। उनकी यह लापरवाही मुसीबत का सबब बन सकती है।

कोरोना खतरे के बीच अपने बच्चों को लेकर घाट पर पहुंचीं महिलाएं।
कोरोना खतरे के बीच अपने बच्चों को लेकर घाट पर पहुंचीं महिलाएं।

लोगों के अपने अपने बहाने

अस्सी घाट पर परिवार संग आयी श्वेता गंगा नदी किनारे बैठी थीं। पूछा गया कि मास्क क्यों नहीं लगाया है? इस पर श्वेता ने कहा कि, मुझे मास्क लगाने पर अनकंफर्ट महसूस हो रहा था। इसीलिए उतार दिया। रक्षा सिंह भी परिवार के साथ घाट पर थीं। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने, मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन करते रहने की बात बताई। लेकिन ने तो रक्षा सिंह ने खुद मास्क लगा रखा था न ही उनके परिजन मास्क में थे।

एक साथ बैठीं सहेलियां।
एक साथ बैठीं सहेलियां।
घाटों पर सुबह-शाम अब भीड़ जुटने लगी है।
घाटों पर सुबह-शाम अब भीड़ जुटने लगी है।

कुछ महिलाएं तो बच्चों को लेकर घूमने पहुंची थी। लेकिन किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। कुछ युवाओं से मास्क न पहनने का कारण पूछा गया तो कहने लगे कि फोटो शूट कर रहे थे, इसलिए मास्क उतार दिया था।आकृति ने बताया कि बहुत दिनों बाद घाट आने का मौका मिला है। सरकार की एडवाइजरी हमें मालूम है। वहीं कुछ युवतियों ने देश की स्थिति के बारे में बातें करने लगीं और बताया कि, जीडीपी बहुत नीचे आ गया है।पारुल ने अपना मास्क हाथ में ले रखा था।

नदी किनारे बैठे लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ध्यान।
नदी किनारे बैठे लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा ध्यान।

जिले में अब तक 7 हजार से अधिक केस सामने आए
जिले में अब तक 7,418 कोरोना संक्रमित सामने आ चुके हैं। इनमें से 131 लोगों की मौत भी हो चुकी है। राहत की बात है कि 5,739 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में अगस्त महीने में सबसे अधिक 80 मौतें हो चुकी है। मई में 4, जून में 13, जुलाई में 34 मौतें हुई थी। फिर भी लोग नियमों को ताक पर रखकर घूम रहे हैं।

घाट पर भुट्टा बेचने वाला भी बिना मास्क के नजर आया।
घाट पर भुट्टा बेचने वाला भी बिना मास्क के नजर आया।
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