वाराणसी: अनलॉक का पहला दिन / गंगा दशहरे पर स्नान-अनुष्ठान पर रोक, घाटों पर नजर आई फोर्स, एक ब्राह्मण से सुबह की आरती संपन्न की

ये तस्वीर वाराणसी की है। यहां सुबह गंगा दशहरा पर फोर्स मुस्तैद नजर आई। लोगों को गंगा स्नान करने से रोका गया।
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  • बाजार खुले, पार्क में सुबह-शाम दो घंटे टहल सकते, लेकिन मिठाई की दुकानों में बैठकर खाने की इजाजत नहीं
  • वाराणसी में अब 182 संक्रमित मिल चुके, चार की जा चुकी जान

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 05:37 PM IST

वाराणसी. प्रदेश सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के अनुसार वाराणसी में जिला प्रशासन ने अनलॉक के फेज एक में तमाम पाबंदियों में ढील दी है। बाजार खुल गए हैं। पार्क में सुबह-शाम दो घंटे टहल सकते हैं। लेकिन मिठाई की दुकानों में बैठकर खाने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, गंगा दशहरा पर्व पर गंगा नदी में स्नान करने वाले आने वालों को अभी रियायत नहीं दी गई है। सुबह घाट पर दर्शनार्थियों को गंगा स्नान करने से मना कर दिया। बता दें कि, वाराणसी में अब 182 संक्रमित मिल चुके हैं।  

काशी में गंगा किनारे घाटों पर गंगा स्नान व धार्मिक अनुष्ठान पर प्रतिबंध अभी जारी है। इस बात को लेकर लगातार एनाउंसमेंट भी किया जा रहा है। गंगा दशहरा पर्व पर जिला प्रसाशन और पुलिस की दर्जनों टीम ने दर्शनार्थियों को गंगा स्नान करने से मना किया। दशाश्वमेध, शीतला, राजेंद्र प्रसाद, अहिल्याबाई, दरभंगा, राजघाट, तुलसी घाट समेत किसी भी घाट पर किसी को स्नान की अनुमति नहीं दी गई। घाटों पर आरएफ, पीएसी, पुलिस को तैनात किया गया है। दशाश्मेध घाट पर रोज की तरह एक ब्राह्मण ने सुबह की आरती किया।

घाट पर फोर्स तैनात।

रविवार शाम आई रिपोर्ट के अनुसार 3 पुलिसकर्मी व एक साड़ी कारोबारी समेत 10 प्रवासी श्रमि कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 182 हो गई है। अब तक चार लोगों की मौत हुई है। 117 लोग ठीक हो चुके हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, शहर में भारी वाहनों की इंट्री आज से बन्द कर दी गई है। बाइक पर दो सवारी की इजाजत भी मिल गयी है। परिवहन निगम की बस पर बिना मास्क बैठने की इजाजत नहीं होगी। वहीं, मिठाई की दुकानों पर बैठकर खाने की इजाजत नहीं है। साड़ी कारोबारी कर्मचारी, कस्टमर सभी का थर्मल स्क्रीनिंग कर ही दुकान में आने देंगे।

पंडित रामचंद्र चौबे ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। जिसे गंगा दशहरा के पर्व के रूप में मनाते है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान से सभी पापों का क्षय होता है और अक्षय पुण्य की प्रप्ति होती है। गंगा स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करना और फिर गंगा जल से बाबा विश्व नाथ का जलाभिसेक करने से जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा में आज के दिन दस पीले पुष्प, दस फल, दीपक, नैवैद्यम अर्पित किए जाते हैं। लेकिन किसी को जाने की इजाजत नहीं है। घर पर ही मन से पूजन लोग कर लें।

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