संकट के साथी बनीं एसिड अटैक सर्वाइवर्स:वाराणसी में कोरोना संक्रमित और तीमारदारों के लिए किया मुफ्त खाने का इंतजाम, एक दिन में 150 लोगों ने किया कॉल

वाराणसी5 महीने पहले
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खाने की पैकेजिंग करतीं एसिउ अटैक सर्वाइवर्स। - Dainik Bhaskar
खाने की पैकेजिंग करतीं एसिउ अटैक सर्वाइवर्स।

वाराणसी के अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों और होम आइसोलेशन में रहने वालों को एसिड अटैक सर्वाइवर्स का ऑरेंज कैफे मुफ्त में भोजन कराएगा। मुफ्त भोजन के लिए मोबाइल नंबर 9120112128 और 8840007206 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा दुर्गाकुंड स्थित आरेंज कैफे जाकर और दुर्गाकुंड पुलिस चौकी के इंचार्ज से संपर्क करके भी भोजन लिया जा सकता है। मंगलवार को करीब 150 लोगों ने भोजन के लिए ऑरेंज कैफे से संपर्क किया।

वाराणसी के अस्पतालों में जिले और आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड से भी लोग उपचार के लिए आते हैं। इन दिनों लॉकडाउन की वजह से होटल वगैरह बंद रहते हैं, इसके चलते बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों को भोजन की बड़ी दिक्कत होती है। इसे देखते हुए ऑरेंज कैफे संचालित करने वाली एसिड अटैक एक्शन एड की वित्तीय मदद से अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों और होम आइसलोशन में रहने वालों के मुफ्त भोजन के लिए आगे आई हैं। तय किया गया है कि फिलहाल भेलूपुर और लंका क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को मुफ्त भोजन की सुविधा दी जाएगी।

दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज का मिल रहा है सहयोग

ऑरेंज कैफे में काम करने वाली बनारस की एसिड अटैक पीड़िता बदामा देवी ने बताया कि हमारे इस काम में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह का भी एक बड़ा सहयोग मिल रहा है। लंका और भेलूपुर क्षेत्र के बाद दरोगा प्रकाश सिंह के सहयोग से शहर के अन्य क्षेत्रों में संचालित निजी/सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को भी मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

लोगों की दिक्कतें देखकर एसिड पीड़िताएं बहनें आईं सामने

रेड ब्रिगेड ट्रस्ट के ट्रस्टी अजय पटेल ने एसिड पीड़िताओं के स्वामित्व वाले ऑरेंज कैफे में मुफ्त भोजन वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण इस तरह से बढ़ा है कि सभी लोग बहुत परेशान हैं। इसलिए हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजन और होम आइसोलेशन में रहने वालों की समस्याओं को देखते हुए एसिड अटैक पीड़िता बहनें सामने आई हैं। एसिड अटैक पीड़िता संगीता ने बताया कि सुबह के भोजन के लिए आठ बजे और रात के भोजन के लिए शाम चार बजे तक ऑरेंज कैफे या दुर्गाकुंड पुलिस चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह से संपर्क किया जा सकता है। एसिड अटैक पीड़िता बदामा देवी ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित परिवार को कम से कम एक सदस्य की कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही पता और मोबाइल नंबर लिखकर परिवार के सदस्यों की संख्या भी बतानी होगी।

खाने की पैकेजिंग करतीं एसिड अटैक सर्वाइवर।
खाने की पैकेजिंग करतीं एसिड अटैक सर्वाइवर।

एक साल पहले शुरू हुआ था ऑरेंज कैफे

रेड ब्रिगेड के ट्रस्टी अजय पटेल ने बताया कि 14 फरवरी 2020 को दुर्गाकुंड क्षेत्र में ऑरेंज कैफे खोला गया था। वर्तमान में यहां बनारस, प्रयागराज और रायबरेली की तीन एसिड अटैक पीड़िताएं हैं। इसके अलावा दो अन्य युवतियां भी कैफे में काम करती हैं। हमारा उद्देश्य महिला सशक्तीकरण की अवधारणा को सफल बनाना है। प्रयास यही है कि कोरोना काल में जल्द ही सड़क किनारे रहने वाले मजदूरों के लिए भी मुफ्त भोजन की सुविधा शुरू की जाए।

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