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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के विरोध का मामला:कांग्रेसियों की रिहाई के लिए कार्यकर्ता डीएम आवास का घेराव करने सड़क पर उतरे, पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे

वाराणसी10 महीने पहले
शुक्रवार को वाराणसी में कांग्रेसियों ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
  • वारणसी में पुलिस- कांग्रेसियों के बीच झड़प, कांग्रेसियों का कहना कि जमानत मिलने के बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा
  • कुछ दिन पहले हाथरस मामले का विरोध करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को चूंड़ियां भेंट की थीं

वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को काले झंडे दिखाने व चूड़ी भेंट करने के आरोप में गिरफ्तार 9 कांग्रेसियों ने शुक्रवार को अस्थाई जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि जमानत मिलने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीएम आवास घेरने का प्रयास भी किया। जिसको लेकर पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कांग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता बेहोश भी गई।

वाराणसी में धरने पर बैठे कांग्रेसी।
वाराणसी में धरने पर बैठे कांग्रेसी।

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि हमारे 9 साथियों को केंद्रीय मंत्री के कहने पर नहीं छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले सीजेएम कोर्ट से इन लोगों को जमानत मिल चुकी है। एसीएम चतुर्थ शिवांगी शुक्ला ने जमानतदारों का सत्यापन करने के बाद रिहाई के लिए कहा था। लेकिन अब वे रिहाई का आदेश नहीं दे रही हैं। गुरुवार को अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया तो वे दफ्तर से बाहर चली गई थीं। इसके बाद 20 लोगों पर कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया। आरोप लगाया कि एसीएम और अन्य अधिकारी सरकार की ओर से होकर हमारी आवाज को दबाना चाहते हैं।

क्या है मसला

3 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का का दौरा था। जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने बताया कि उस दिन हाथरस कांड को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। लेकिन पुलिस जबरिया हमारे लोगों को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल ले गयी। कांग्रेस कार्यकर्ता जेल से नहीं डरते। न्याय और इंसाफ के लिए हम सब कुछ करने को तैयार हैं। रिहाई नहीं हुई तो प्रदेश में आंदोलन होगा।

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