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पं. छन्नूलाल मिश्रा का दर्द:4 दिन में कोरोना ने पत्नी और बेटी को छीना, इलाज में लापरवाही की जांच करवाने के लिए 20 दिन से भटक रहे

वाराणसी6 महीने पहले
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बनारस घराने के ठुमरी गायक पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्रा का दर्द अब जुबां पर आ गया है। दरअसल, पिछले महीने पत्नी की मौत के 3 दिन बाद ही उनकी बड़ी बेटी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे कोरोना संक्रमित थीं, लेकिन परिजन का आरोप है कि उनका इलाज ठीक से नहीं हुआ।

पंडित छन्नूलाल मिश्रा अब बड़ी बेटी संगीता की मौत की जांच में हो रही देरी से दुखी हैं। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि बेटी जिस अस्पताल में भर्ती थी, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिलाई जाए। फुटेज से सब स्पष्ट हो जाएगा। 20 दिन बीत गए, लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा है। हमारी बात नहीं सुनी गई तो प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी से न्याय की गुहार लगाएंगे।

पंडित छन्नूलाल मिश्रा 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक रहे थे।

पहले मां और फिर बहन की मौत से पिताजी सो नहीं पा रहे हैं: बेटी
उनकी छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा कहती हैं कि मां मनोरम मिश्रा की मौत बीती 26 अप्रैल को हुई थी। इसके बाद 29 अप्रैल को उनकी बड़ी बहन संगीता मिश्रा की मौत मैदागिन स्थित मेडविन हॉस्पिटल में हो गई थी। मां और बड़ी बहन की मौत से सदमे में पिताजी बीते 20 दिन से सो नहीं पा रहे हैं। प्रशासन की ओर से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाए। आखिरकार ऐसी क्या वजह है कि अस्पताल प्रबंधन सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं दे रहा है।

प्रशासन बताए तो आखिरकार हो क्या रहा है, क्यों देरी हो रही है?
पंडित छन्नूलाल मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में बेटी से हमें मिलने नहीं दिया गया। पहले कहा गया कि बिटिया के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और फिर अचानक उसकी मौत हो गई। आखिरकार कैसे मौत हो गई। प्रशासन बताए कि आखिरकार हो क्या रहा है, जांच में देरी क्यों हो रही है?

पत्नी और बेटी कोरोना से संक्रमित थीं
पंडित छन्नूलाल मिश्रा की पत्नी मनोरमा मिश्रा की मौत 26 अप्रैल को हुई थी। वह कोरोना संक्रमित थी और एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। इसके बाद 29 अप्रैल को उनकी बड़ी बेटी संगीता मिश्रा की मौत मैदागिन स्थित मेडविन हॉस्पिटल में हुई। संगीता भी कोरोना संक्रमित थीं और 7 दिन तक अस्पताल में भर्ती रही।

बहन का आरोप- डॉक्टरों की लापरवाही से गई जान
पंडित छन्नूलाल मिश्रा की छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा का आरोप है कि उनकी बहन के उपचार में अस्पताल के डॉक्टरों ने घोर लापरवाही की। पांच लाख रुपये से ज्यादा का बिल बनाया और ठीक होने का आश्वासन दिया जाता रहा। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही उनकी मौत हो गई। उनकी बहन अस्पताल में जिस बेड पर भर्ती थी। वहां सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस तरह की लापरवाही उपचार में की गई। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों पर बहन की हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी थी। इसके बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने प्रकरण की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित की थी।

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