उत्तराखंड:पंचतत्व में विलीन हुए यूपी के सीएम योगी के पिता आनंद सिंह; बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, सीएम त्रिवेंद्र व विधानसभा अध्यक्ष समेत अन्य ने किया नमन

उत्तराखंड2 वर्ष पहले
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सीएम योगी के पिता का हुआ अंतिम संस्कार। - Dainik Bhaskar
सीएम योगी के पिता का हुआ अंतिम संस्कार।
  • सोमवार को दिल्ली के एम्स में 10:44 बजे योगी के पिता ने ली थी अंतिम सांस
  • लीवर व किडनी की समस्या से ग्रसित थे आनंद सिंह, सीएम योगी लॉकडाउन के बाद जाएंगे
  • मंगलवार को मीटिंग शुरू करने से पहले सीएम योगी ने दो मिनट का मौन रखकर पिता को दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का मंगलवार सुबह उत्तराखंड के यमकेश्वर के फूलचट्टी अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया। सीएम योगी के बड़े भाई मानेंद्र बिष्ट ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सांसद तीरथ सिंह रावत, बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, धन सिंह रावत, उप्र मुख्यमंत्री के ओएसडी राज भूषण आदि लोग उपस्थित हुए। लॉकडाउन के चलते सीएम योगी ने अंतिम संस्कार में शामिल होने पर असमर्थता जताई थी।

 

सोमवार को दिल्ली के एम्स में ली थी अंतिम सांस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट (89) का सोमवार सुबह 10:44 बजे दिल्ली एम्स में निधन हो गया था। लीवर और किडनी में समस्या के कारण उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था। लेकिन मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से रविवार देर रात हालत ज्यादा बिगड़ गई। पिता के निधन की खबर मिलने पर योगी ने कहा था- "यूपी में कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर पाउंगा। परिवार से अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अंतिम क्रिया संपन्न कराएं।"

पिता को श्रद्धांजलि दी, फिर शुरू की मीटिंग
हर दिन की तरह योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर मंगलवार को भी कोविड-19 की टीम इलेवन के साथ बैठक की। उन्होंने दो मिनट का मौन रखकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। फिर सीनियर अफसरों के साथ मीटिंग शुरू की। 

सीएम ने खड़े होकर दो मिनट का मौन धारण किया और पिता को श्रद्धांजलि दी।
सीएम ने खड़े होकर दो मिनट का मौन धारण किया और पिता को श्रद्धांजलि दी।

वन विभाग से रिटायर हुए थे आनंद सिंह

योगी के पिता आनंद सिंह उत्तराखंड के गढ़वाल जिले के यमकेश्वर के पंचूर गांव के रहने वाले थे। वे वन विभाग में रेंजर थे। 1991 में सेवानिवृत्त हुए थे। आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट है। उन्होंने बचपन में ही परिवार छोड़ दिया था और गोरक्षनाथ मंदिर के महंत और नाथ संप्रदाय के संत अवेद्यनाथ के पास चले गए थे। बाद में अवेद्यनाथ की जगह योगी आदित्यनाथ ने ली। योगी आदित्यनाथ चुनाव के सिलसिले में उत्तराखंड जाते थे तो परिवार उनसे मिलने आता था।

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