यूपी:अयोध्या में 300 सिमकॉर्ड के साथ युवक गिरफ्तार, आतंकी कनेक्शन की आंशका से जांच में जुटी एजेंसियां

अयोध्या2 वर्ष पहले
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तस्वीर में दिख रहा युवक आरोपी शिवपूजन पांडेय है। इसके पास से 297 सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां इससे पूछताछ कर रही हैं। - Dainik Bhaskar
तस्वीर में दिख रहा युवक आरोपी शिवपूजन पांडेय है। इसके पास से 297 सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां इससे पूछताछ कर रही हैं।
  • पकड़ा गया शख्स ग्राहक के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक ही नंबर के दो सिम बनाता था
  • पकड़ा गया युवक शिवपूजन पांडेय सुल्तानपुर जिले के मदनपुर गांव का रहने वाला है

श्रीराम जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर निर्माण की तैयारियों के बीच फैजाबाद मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो एक ग्राहक के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक ही नंबर के दो सिम बनाता था। उसके पास से लगभाग 300 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। एक तरफ जहां शनिवार को अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक चल रही थी, वहीं ऐसे युवक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस इसके पीछे आतंकी  साजिश के बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसा करने के पीछे तीन मकसद हो सकते हैं। पहला मोबाइल हैक करना, दूसरा अकाउंट हैक करना और तीसरा आतंकी साजिश को अंजाम देना हो सकता है।

पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो एक ग्राहक के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके एक ही नंबर के दो सिम बनाता था। वह नंबरों को ओडिशा में बैठे युवक को देता था। फैजाबाद मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) युवक पर काफी दिनों से नजर रख रही थी। सटीक सूचना मिलने पर एमआई ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद युवक की गिरफ्तारी हो सकी।

ओटीपी वर्ल्ड ग्रुप के नाम से वाट्सएप ग्रुप चलाता था

पकड़ा गया युवक शिवपूजन पांडेय सुलतानपुर जिले के थाना गोसाईंगंज अंतर्गत मदनपुर का रहने वाला है। शिवपूजन के पास से 297 सिम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, लैपटॉप, कई लोगों के पहचान पत्र आदि बरामद हुए हैं। उसे कैंट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की माने तो शिवपूजन सिम का नंबर दिनेश को बताता था। दोनों मिलकर वाट्सएप इंस्टॉल करने के लिए वन टाइम पासवर्ड जनरेट करते थे। यह पूरा खेल ओटीपी वर्ल्ड ग्रुप नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाकर चलता था। इस ग्रुप में चीन, फिलीपींस, रूस सहित कई विदेशी लोग जुड़े हैं, जिन्हें ओटीपी भेजा जाता था।

पुलिस के मुताबिक ऐसा करने के पीछे तीन मकसद हो सकते हैं। पहला मोबाइल हैक करना, दूसरा अकाउंट हैक करना और तीसरा आतंकी साजिश को अंजाम देना हो सकता है। प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।