राज्यसभा चुनाव:भाजपा नेता जफर इस्लाम ने यूरी सरकार के मंत्री से दाखिल कराया नामांकन, निर्विरोध चुना जाना तय

लखनऊएक वर्ष पहले
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भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार जफर इस्लाम के प्रतिनिधि के तौर पर मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका नामांकन दाखिल किया। - Dainik Bhaskar
भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार जफर इस्लाम के प्रतिनिधि के तौर पर मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका नामांकन दाखिल किया।
  • उत्तर प्रदेश में बीजेपी बहुमत के साथ सरकार में है, जफर का चुना जाना पक्का
  • यूपी के बहराइच के रहने वाले जफर इस्लाम को मोदी-शाह का करीबी माना जाता है

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी जफर इस्लाम ने अपने प्रतिनिधि यूपी सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना के माध्यम से विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत कई मंत्री और पदाधिकारी मौजूद रहे। ऐसा माना जा रहा है कि जफर इस्लाम का निर्विरोध चुना जाना तय है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा उपचुनाव के लिए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जफर इस्लाफ का नाम घोषित किया था। सांसद अमर सिंह के देहांत के बाद यह सीट खाली हुई थी।

उपचुनाव में जफर इस्लाम का निर्विरोध निर्वाचन तय है। प्रदेश में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार में है, ऐसे में संभव है कि कोई और पार्टी उम्मीदवार भी ना उतारे। नामांकन और निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के बाद वह यूपी से बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम सांसद होंगे।

बहराइच के रहने वाले है जफर इस्लाम

इन्वेस्टमेंट बैंकर रहे बहराइच निवासी जफर इस्लाम भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। जफर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सिंधिया के करीबी हैं। टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज बीजेपी का पक्ष रखते हैं। राजनीति में आने से पहले जफर इस्लाम एक विदेशी बैंक के लिए काम करते थे और लाखों रुपये का वेतन पाते थे। मोदी की राजनीति से प्रभावित होकर जफर इस्लाम ने बीजेपी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की।

ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जफर इस्लाम के अच्छे ताल्लुकात हैं। शायद यही वजह है कि मृदुभाषी और बेहद शालीन व्यक्तित्व के धनी जफर इस्लाम को बीजेपी ने केंद्र की राजनीति में मौका दिया है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी में शामिल कराने में जफर की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसके बाद ज्योतिरादित्य को बीजेपी में लाने की कवायद और मध्यप्रदेश में ‘ऑपरेशन लोटस’ की पटकथा लिखी गई। इस पूरे ऑपरेशन में बीजेपी की तरफ से सिर्फ लॉजिस्टिक और अन्य सहायता दी गई।