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पीलीभीत में घूम रहा नेपाली हाथियों का झुंड...देखें VIDEO:टाइगर रिजर्व से निकल गांवों के आस-पास चहलकदमी कर रहे 22 हाथी; अब तक 100 बीघा फसल बर्बाद की, लोगों में दहशत

पीलीभीत9 दिन पहले

नेपाल के हाथियों को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की आब-ओ-हवा रास आ रही है। एक माह से यहां पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 20 से 22 नेपाली हाथियों का झुंड डेरा जमाए हुए है। इससे जंगल से सटे गांवों में दहशत भी है। कारण हाथियों का झुंड अब जंगल से निकलकर रिहाइशी इलाकों और रोड पर भी दिखने लगा है। कुछ ऐसा ही नजारा धनारा घाट रोड पर देखने को मिला। यहां हाथियों के झुंड को सड़क पर देख राहगीर दहशत के चलते वहीं रुक गए। कुछ लोग भाग गए। हाथियों की रोड पर चहलकदमी कैमरे में भी कैद हुई है।

नेपाली हाथियों का झुंड धनारा घाट रोड को पार करता देखा गया। ग्रामीणों को डर है कि ये कभी भी हमला कर सकते हैं।
नेपाली हाथियों का झुंड धनारा घाट रोड को पार करता देखा गया। ग्रामीणों को डर है कि ये कभी भी हमला कर सकते हैं।

दरअसल, लगभग 1 महीने पहले 20 से 22 नेपाली हाथियों का झुंड नेपाल की शुक्ला पेंटा सेंचुरी से निकलकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दाखिल हुआ था। पहले तो ये हाथी जंगल के अंदर ही रह रहे थे, लेकिन अब ये सड़कों और गांवों आसपास चहल-कदमी कर रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन किसानों की सैकड़ों बीघा फसल ये अब तक बर्बाद कर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि ये हाथी कभी भी हमला कर सकते हैं।

नेपाली हाथी टाइगर रिजर्व से सटे गांवों के आसपास चलहकदमी कर रहे हैं।
नेपाली हाथी टाइगर रिजर्व से सटे गांवों के आसपास चलहकदमी कर रहे हैं।

खुद ही हाथी भगा रहे ग्रामीण
पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन हाथियों की निगरानी का दावा कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि विभाग सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। नेपाली हाथी जब गांव के निकट आते हैं तो ग्रामीण खुद ही आधे अधूरे संसाधनों के साथ उनको जंगल की ओर भगाने का काम करते हैं। उधर, जिला प्रशासन ने किसानों के हुए नुकसान के बारे में राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर ही पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 2019 में नेपाली हाथियों का झुंड आया था।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 2019 में नेपाली हाथियों का झुंड आया था।

पहले भी जिले में आ चुके हैं नेपाली हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 2019 में नेपाली हाथियों का झुंड आया था। कुछ समय व्यतीत करने के बाद ये वापस नेपाल लौट जाते हैं।

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