पीलीभीत में गन्ना विभाग की सड़कें बदहाल:शिकायत के बाद भी विभाग नहीं दे रहा ध्यान, अधिकारी बोले-शासन को भेजा गया है प्रस्ताव

पीलीभीत11 दिन पहले
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पीलीभीत में गन्ना विभाग की बदहाल सड़क। - Dainik Bhaskar
पीलीभीत में गन्ना विभाग की बदहाल सड़क।

प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के जिले में विकास परिषद की सड़कों का बुरा हाल है। आलम यह है कि वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। इस सब के बावजूद जिला प्रशासन और गन्ना विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

सूबे की योगी सरकार एक ओर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा करती है, वहीं गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री के जिले में गन्ना विभाग की सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गन्ना किसानों की सुविधा के लिए पूरनपुर बस्ती हाईवे से कस्बा शेरपुर कला ईदगाह तक 4 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण गन्ना विकास परिषद द्वारा दशकों पूर्व कराया गया था, ताकि किसान अपने गन्ना वाहनों को आसानी से चीनी मिल तक पहुंचा सकें।

गड्‌ढों में तब्दील हो गई 4 किमी सड़क

कुछ दिन तक तो मार्ग ठीक रहा। उसके बाद धीरे-धीरे यह गड्ढों में तब्दील होता गया। हालांकि गन्ना विकास परिषद की ओर से कई बार मार्ग की मरम्मत के नाम पर लीपापोती होता रहा। आज स्थिति यह हो गई है कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

2 साल पहले भेजा गया था प्रस्ताव

करीब 2 साल पहले जिलाधिकारी पुलकित खरे के पीलीभीत आते ही शेरपुर के अयाज अहमद खां ने एक कार्यक्रम में डीएम से इस मार्ग के निर्माण की मांग की थी। तब डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी से पत्रावली को तलब किया था। इसके बाद आनन-फानन में मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन 2 साल बाद भी मार्ग निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

विधायक बोले-शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

क्षेत्रीय भाजपा विधायक बाबूराम पासवान ने बताया," मैंने भी कई बार आला अधिकारियों को पत्र लिखे, लेकिन मेरे पत्रों को भी नजरअंदाज कर दिया गया।" इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है 4 किलोमीटर मार्ग निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है शीघ्र ही स्वीकृति की संभावना है।

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