भास्‍कर खास:पहली बार स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम के लिए अभिभावक भी देंगे सुझाव, आरएससीईआरटी करवाएगा मोबाइल सर्वे

प्रतापगढ़13 दिन पहले
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प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए नए करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएसीईआरटी) पहली बार मोबाइल सर्वे करवाएगा। इसका मकसद यही है कि स्कूली बच्चों को क्या पढ़ाया जाए, यह अभिभावकों से जाना जाएगा। इसके परिषद ने सभी 33 डाइट में तैयारी पूरी कर ली गई है।

हर जिले से सुझाव लेने के लिए एप्लिकेशन के जरिए मोबाइल सर्वे शुरू किया जाएगा। इस एप्लिकेशन को तैयार करने के लिए एनसीईआरटी और एनआईसी की भी मदद ली जा रही है। सर्वे के लिए उपयोग होने वाली एप्लीकेशन के इस्तेमाल के लिए सभी डाइट प्रिंसिपल को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

चंडीगढ़ में प्रशिक्षण : परिषद की निदेशक प्रियंका जोधावत के अनुसार एनसीईआरटी की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण चंडीगढ़ स्थित एससीईआरटी में हुआ। जिसमें राज्य की ओर से 6 तकनीकी सदस्य नरेश मेघवाल, अमित शर्मा, हेमंत आमेटा, राजेंद्र दरिया, हितेश कच्छावा और उमेश वर्मा ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

  • 33 डाइट के जरिए किया जाएगा प्रदेशभर में सर्वे
  • 6 तकनीकी सदस्यों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

स्थानीय संदर्भों व संस्कृति सहित कई तथ्यों को पाठ्यक्रम में जोड़ेंगे
परिषद के कमलेंद्र सिंह राणावत के अनुसार बच्चों को राज्य की जानकारी या उनके स्थानीय संदर्भों की जानकारी स्कूल में मिले, इसके लिए स्थानीय संदर्भों को जोड़ा जाना जरूरी है। इसी के चलते पाठ्य चर्चा यानी करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार करने में अभिभावकों, शिक्षाविद् सहित अन्य लोगों को शामिल करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए 15 दिन तक सर्वे किया जाएगा। सर्वे के लिए तैयार फॉर्मेट में राज्य करिकुलम फ्रेमवर्क (एससीएफ) से संबंधित प्रश्नों को पूछा जाएगा। इसी आधार पर प्राप्त जवाब से आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी। नोडल अधिकारी, तकनीकी अधिकारी और कमेटी सदस्यों की ओर से रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसमें विषय को शामिल कर ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।

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