उच्च शिक्षा विभाग:राज्य में 2025 तक नहीं खुलेंगे नए निजी महाविद्यालय, प्रदेश के 2032 निजी कॉलेजों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने पर देगा जोर‎

प्रतापगढ़13 दिन पहले
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राज्य सरकार ने‎ बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में अगले 2 सत्र‎ के लिए नए निजी महाविद्यालय खोलने पर‎ रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब‎ सरकार का पूरा फोकस अब तक खुले हुए‎ सभी निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक‎ गुणवत्ता को बढ़ाने सहित कॉलेजों में नियुक्त‎ शैक्षणिक स्टाफ के वेतनमान को यूजीसी के‎ मापदंड अनुसार लागू करवाना रहेगा। इसका सीधा संबंध राज्य में उच्च‎ शिक्षा का ढांचागत विकास करने से है।

अब‎ नए कॉलेज खोलने के लिए 2025 तक‎ इंतजार करना होगा। इसके लिए शासन स्तर‎ पर अनुमोदन भी हो गया है। इसके बाद इस‎ निर्णय को लेकर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा‎ अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।‎ उच्च शिक्षा विभाग के शासन सचिव द्वारा‎ दो दिन पहले जारी पत्र में 1 जनवरी‎ 2022 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा‎ ली गई समीक्षा बैठक का हवाला देते देते हुए‎ ‎लिखा गया है कि मुख्यमंत्री ने निजी‎ महाविद्यालयों के संचालन और गुणवत्ता को‎ बढ़ाने के महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए ये अहम‎ निर्णय लिया है।

विभाग द्वारा इसके लिए‎ प्रशासनिक अनुमोदन भी कर दिया गया है।‎ उल्लेखनीय है कि इससे पहले बीसीआई‎ द्वारा 2022 तक नवीन लॉ कॉलेज और‎ एआईसीटीई द्वारा नवीन इंजीनियरिंग कॉलेज‎ खोलने पर भी रोक लगी हुई है। राज्य में‎ सत्र 2020-21 तक कुल 2032 निजी‎ महाविद्यालय खोले गए हैं। वहीं राज्य‎ सरकार द्वारा विगत 3 वर्षों में राज्य के‎ विभिन्न स्थानों पर 123 राजकीय‎ महाविद्यालय खोले गए हैं। इसके बाद‎ प्रदेश में राजकीय महाविद्यालयों की संख्या‎ ही बढ़कर 371 हो गई है। ऐसे में निजी‎ महाविद्यालयों की बढ़ी संख्या से राज्य‎ सरकार गुणात्मक परिणाम की उम्मीद कर‎ रही है। इस आदेश का‎ जनजातीय क्षेत्र प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और‎ डूंगरपुर पर भी व्यापक असर नजर आएगा।

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