कुख्यात बदमाश भंडारी यादव का नहर में मिला शव:25 हजार का था इनामी, धारदार हथियार से हत्या की आशंका

पट्टी15 दिन पहले
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पट्टी में लगातार 16 वर्षों से आतंक का पर्याय बना पट्टी तहसील क्षेत्र के होशियारपुर का रहने वाला रामकृपाल उर्फ भंडारी यादव मऊआइमा में धारदार हथियार से साथियों द्वारा हत्या कर दी गई। उस पर कुल 14 संगीन मुकदमे दर्ज थे, उसकी निगरानी में पुलिसकर्मी भी लगाए गए थे। शुक्रवार को उसका शव प्रयागराज के मऊआइमा इलाके में नहर में उतर हुआ मिला है।

पट्टी तहसील क्षेत्र के पट्टी कोतवाली अंतर्गत होशियारपुर निवासी रामकृपाल यादव उर्फ भंडारी पर पहला मामला पट्टी कोतवाली में 2006 में दर्ज हुआ था। जरायम की दुनिया मे प्रवेश करने के बाद वह कई अपराधियों के सम्पर्क में आया। 2011 में लूट में फरार चल रहे भंडारी यादव को पुलिस की मुठभेड़ भी हुई। वह व्यापारियों को धमका कर वसूली करता था। सिर्फ प्रतापगढ़ ही नहीं बल्कि वह जौनपुर में भी वारदात करना शुरू कर दिया।

भंडारी यादव के खौफ से खुली थी पट्टी में पृथ्वीगंज बाजार में चौकी
भंडारी यादव की दहशत रंगदारी के मामले और हत्या से पट्टी में दहशत का माहौल बन गया था। उसके अपराधों से पृथ्वीगंज बाजार सहम गया था । प्रशासन ने पृथ्वीगंज बाजार में एक चौकी खोली, जिसके बाद भंडारी यादव ने रंगदारी मांगने बंद कर दिया। भंडारी के खिलाफ जौनपुर के सिकरारा थाने में चार सिंगरामऊ हुआ सुजानगंज में एक-एक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि पट्टी कोतवाली में 8 मुकदमे दर्ज हैं। आखिरी मुकदमा पट्टी कोतवाली में वर्ष 2017 में जानलेवा हमले का दर्ज हुआ तब से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 25000 का इनाम घोषित किया था ।

जुर्म की दुनिया से बाहर रखा कदम, फिर भी नहीं बच सकी जान
पट्टी कोतवाली की होशियारपुर के रामकृपाल और भंडारी यादव ने इस समय रानीगंज तहसील में भट्ठा खोल दिया था। अपने साथी शैलेंद्र यादव के साथ वह भट्ठा पर रहकर मुंशी का काम करता था, लेकिन जुर्म की दुनिया से तौबा करने के बाद भी साथियों द्वारा उसकी हत्या कर दी।

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