संक्रमण को फैलने का अब मौका न दें:प्रयागराज में 27 दिन बाद खुले बाजार; सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आई गाड़ियां, लोग सोशल डिस्टेंसिंग भूले

प्रयागराज4 महीने पहले
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बाजार खुलने के बाद चौक में भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। - Dainik Bhaskar
बाजार खुलने के बाद चौक में भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।

उत्तर प्रदेश में संक्रमण दर 1 फीसदी से कम होने पर प्रदेश के 61 जिलों में एक जून से कोरोना कर्फ्यू में राहत दी गई है। लेकिन मंगलवार को पहले ही दिन प्रयागराज जो हालात नजर आए वह चिंताजनक हैं। यहां चौक बाजार में भीड़ उमड़ पड़ी। सड़क पर बड़ी संख्या में वाहन दौड़ते नजर आए। सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक के लिए दुकानें खोल दी गई हैं। ऐसे में जिनके घरों में शादी-विवाह के आयोजन होने हैं, वे भी टीवी, फ्रिज और इलेक्टॉनिक सामानों की दुकानों पर माल-तोल करते दिखे। बाजार खुलने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। लेकिन लोगों की लापरवाही कोरोना के आंकड़े बढ़ा सकती है।

पांच मई से प्रयागराज में लगा था कर्फ्यू
मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के आदेश पर पांच मई से कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया था। सिर्फ आवश्यक सामग्री बेचने वाले, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, सब्जी, दूध, फल, जनरल मर्चेंट की दुकानों को ही खोलने की अनुमित थी। अब प्रयागराज जनपद में भी एक्टिव केसों की संख्या 600 से कम होने के कारण शासन ने अनलाॅक की अनुमित दे दी है। हालांकि यह अनुमति सशर्त है। बाजार केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही खुलेंगे। शनिवार और रविवार को बंदी रहेगी। रात का कर्फ्यू सायं सात बजे से सुबह सात बजे तक आंशिक कर्फ्यू जारी रहेगा।

हालांकि चौक, कोठापारचा, कटरा जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोगों ने दो गज की दूरी का उल्लंघन किया। इनमें से कई ने मास्क भी नहीं लगा रखे थे। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण ने पूरे प्रयागराज को भी अपनी जद में ले लिया था। इसी संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए देश में लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। संक्रमण के चलते प्रयागराज में भी तकरीबन 1000 कंटेनमेंट जोन थे। 294 शहरी इलाकों में बाकी आसपास और ग्रामीण क्षेत्रों में थे। पिछले एक सप्ताह से एक्टिव केसों की संख्या प्रतिदिन 50 से भी कम हो रही रही है।

कपड़े की दुकान पर खरीददारी करती महिला।
कपड़े की दुकान पर खरीददारी करती महिला।

साफ-सफाई में ही चला गया आधा दिन
दुकानें महीने भर से बंद थीं ऐसे में काफी धूल-धक्कड़ भर गई थीं। लॉकडाउन हटने के बाद लोगों ने सुबह सबसे पहले दुकानों की सफाई करनी शुरू की। आधे दिन तक तो केवल साफ सफाई में ही चला गया। इसके बाद लोगों ने दुकानों को सजाना शुरू किया। सामानों का डिस्प्ले किया। बर्तनों के लिए प्रसिद्ध ठठेरी बाजार, कोठापार्चा, सिविल लाइंस, कटरा जैसेे बाजारों में रौनक दिखी। हालांकि पहला दिन होने के कारण बहुत अधिक संख्या में ग्राहक बाजारों में नहीं दिखे।

चौक, जानसेनगंज में लगा भीषण जाम
करीब एक माह बाद बाजार खुलने से लोग अधिक संख्या में घरों से निकले। चौक व जानसेनगंज चौराहा पर इतने अधिक वाहन पहुंच गए कि जाम लग गया। जाम लगने से व्यापारियों को भी काफी परेशानी हुई। पहले ही दिन जाम की वजह से दुकानदारी प्रभावित हुई। कई लोग जाम देखकर बिना बाजार किए ही लौट गए। यह जाम करीब एक घंटे तक लगा रहा। किसी तरह पुलिस ने आकर जान खुलवाया तो व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान जाम में फंसे लोग धूप में परेशान दिखे।

लेटे हनुमान मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले पहले बड़े मंगलवार को प्रयागराज के हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संगम के बंधवा में स्थित लेटे हनुमान मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। बड़े मंगल के पर्व पर जहां पूरे मंदिर परिसर को बड़ी ही खूबसूरती से सजाया गया, वहीं बजरंग बली की लेटी हुई प्रतिमा का भव्य श्रृंगार भी किया गया है। ज्येष्ठ मास में इस बार चार बड़े मंगल पड़ रहे हैं। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगल का विशेष महत्व भी है।

ऐसी मान्यता है कि बड़े हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगलवार को मंदिर में बजरंगबली की विशेष आरती व पूजा -अर्चना हो रही है। दुनिया का यह इकलौता ऐसा मंदिर है जहां बजरंग बली आराम की मुद्रा में लेटकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। श्रद्धालु यहां बजरंग बली की लेटी हुई प्रतिमा का दर्शन पूजन करते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल के मौके पर मंदिर परिसर में जगह-जगह भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ चल रहे हैं।

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