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त्योहारों के बीच डेंगू का वार, कहां कराएं इलाज:प्रयागराज में दो दिन में डेंगू के 42 नए मरीज, सरकारी अस्पतालों से लाैटाए जा रहे मरीज

प्रयागराज2 महीने पहले
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अस्पतालों में बनाए गए डेंगू वार्ड फुल होने के बाद अब डेंगू मरीजों को वापस कर दिया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
अस्पतालों में बनाए गए डेंगू वार्ड फुल होने के बाद अब डेंगू मरीजों को वापस कर दिया जा रहा है।

प्रयागराज में डेंगू का कहर जारी है। इन दिनों त्योहारों के बीच डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं। बीते दो दिनों की बातें करें तो डेंगू के 42 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। यह सिर्फ सरकारी आंकड़ों के हैं, बाकी निजी अस्पतालों में जो डेंगू के मरीज भर्ती हैं उनकी संख्या 500 के पार है। डेंगू के मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ने लगी है कि अब तो सरकारी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के बजाय सीधे मना कर दिया जा रहा है और स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब तक डेंगू के 775 मरीज मिल चुके हैं जिसमें शहरी क्षेत्र के 546 व ग्रामीण क्षेत्र के 229 मरीज हैं। इसी तरह बीते 24 घंटे में कोरोना के भी दो नए मरीज मिले हैं।

अस्पताल में बेड नहीं, कहीं और ले जाइए

जानसेनगंज की रहने वाली प्रिया श्रीवास्तव को दो दिन से बुखार था। सुधार न होने पर बेली अस्पताल की ओपीडी में पहुंची। फिजिशियन ने कहा कि इन्हें भर्ती करना पड़ेगा और कुछ जांचें भी करानी होगी। पति चंद्रेशखर वार्ड में पहुंचे तो वहां यह कहकर भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया कि अस्पताल में बेड खाली नहीं है और इन्हें कहीं और ले जाइए। अंत में दवा लेने के बाद स्वजन मरीज को घर लेकर चले गए।

हालत गंभीर होने के बावजूद साधना को नहीं मिला इलाज

यही स्थिति रसूलाबाद की साधना दीक्षित का है। मूलत: फतेहपुर की रहने वाली साधना रसूलाबाद में किराए के मकान में रहती हैं। बुखार, उल्टी होने के कारण जांच कराने पर पता चला कि प्लेटलेट बहुत कम है। स्वजन इलाज के लिए बेली अस्पताल पहुंचे। लेकिन उन्हें वहां भर्ती नहीं किया गया। अंत में साधना को उनके गृह जनपद फतेहपुर लेकर जाया गया। इसी तरह न जाने कितने मरीजों काे अस्पताल से लौटा दिया जा रहा है। मरीज काे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।

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