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अब पढ़ाई के अलावा 13 नहीं, टीचर्स के 3 काम:5 लाख बेसिक शिक्षकों को बड़ी राहत; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- आपदा, जनगणना और चुनाव में करेंगे सहयोग, जानिए अभी क्या-क्या करते हैं टीचर

प्रयागराज13 दिन पहले
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यूपी में करीब 5 लाख प्राइमरी शिक्षक हैं। - Dainik Bhaskar
यूपी में करीब 5 लाख प्राइमरी शिक्षक हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के 5 लाख बेसिक शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा, उत्तर प्रदेश में टीचर्स गैर शैक्षणिक काम नहीं करेंगे। उनसे सिर्फ चुनाव, जनगणना और आपदा से जुड़े काम ही लिए जाएं। हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम नियमावली के नियम 27 और न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुसार शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जा सकते हैं। टीचर बच्चों को पढ़ाने के अलावा अभी 13 तरह के काम करते हैं।

चारु गौर और दो अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने दिया। कोर्ट ने कहा है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न करवाया जाए। कोर्ट ने इस संबंध में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 नियमावली के नियम 27 व इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनीता शर्मा व अन्य की जनहित याचिका में पारित आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

डीएम-बीएसए आदेश का पालन कराएं

कोर्ट ने कहा है कि संबंधित प्राधिकारी प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का आदेश देकर इसका सख्ती से पालन कराएं। शिक्षकों से सिर्फ आपदा, जनगणना और सामान्य निर्वाचन के दौरान ही कार्य लिया जा सकता है। अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनीता शर्मा व अन्य की जनहित याचिका में पारित आदेश का हवाला देकर भी बताया गया कि हाईकोर्ट ने भी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों को लेने पर रोक लगाई है।

शिक्षकों पर थोपे गए हैं ये काम

  • मतदाता सूची निर्माण व संशोधन प्रक्रिया।
  • बाल गणना करना।
  • मिशन प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम।
  • नवनिर्वाचित प्रधानों से समन्वय बनाकर कायाकल्प मिशन को गति देने काम।
  • एमडीएम यानी मिड-डे-मील के तहत खाते में फंड ट्रांसफर सुनिश्चित करना।
  • मिड-डे मील के तहत राशन व खाद्य सामग्री एकत्र करना, भोजन बनवाना।
  • राशन सार्वजनिक वितरण केंद्र पर खाद्यान्न वितरण।
  • विद्यालय परिसर का दुरुस्तीकरण की साफ-सफाई व बेहतर रख-रखाव।
  • टाइम एंड मोशन स्टडी के अनुसार नए पंजीकरण कराने पर जोर।
  • विद्यालय परिसर के विभिन्न अभिलेखों को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी।
  • डाटा फीडिंग का काम करना।
  • भवन निर्माण व देखरेख का काम।
  • प्रसार-प्रसार के लिए बच्चों को लेकर विभिन्न रैलियों में शामिल करवाना।

एक नजर आकंड़ों पर

  • यूपी के परिषदीय स्कूल में बच्चों की संख्या- 1.6 करोड़।
  • परिषदीय स्कूल (बेसिक शिक्षा विभाग)- 1 लाख 59 हजार स्कूल पूरे प्रदेश में।
  • कुल शिक्षकों की संख्या- 5 लाख से ज्यादा।

गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाने से प्रभावित होती है पढ़ाई

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश मंत्री कामता नाथ ने कहा, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्य में लगाए जाने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। हाईकोर्ट का यह आदेश स्वागत याेग्य है। इसका सरकार को पालन कराना चाहिए। इस आशय की मांग भी संगठन ने सरकार से कई बार की है पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

हाईकोर्ट का फैसला स्वागत योग्य

भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के सह संयोजक डॉक्टर शैलेष कुमार पांडेय ने कहा, नेता और शिक्षकों का काम शैक्षिक गतिविधियों में ही लगे रहना है। अगर उन्हें गैर शैक्षिक गतिविधियों में लगाया जाएगा तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। हाईकोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है।

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