• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Prayagraj
  • Allahabad University Convocation Dispute : Allahabad High Court Canceled The Medal List Of Economics, Instructed To Give Medal To The Highest Scorer,

दीक्षांत से पहले बदली AU की मेडल सूची:अर्थशास्त्र की मेडल सूची इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की, सर्वाधिक अंक पाने वाले को मिलेगा मेडल

प्रयागराजएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का आठ नवंबर को दीक्षांत समारोह है। - Dainik Bhaskar
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का आठ नवंबर को दीक्षांत समारोह है।

कम अंक पाने वाले का मेडल सूची में नाम और अधिक अंक पाने वाला बाहर... मनमानी सूची बनाने और नियमों को ताक पर रखने के आरोपों का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग की मेडल सूची को रद्द कर दिया। दीक्षांत में दिए जाने वाले प्रो. हजेला गोल्ड मेडल लिखित परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र अभिषेक कुमार सिंह को यह मेडल देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने SGPA के आधार पर बनी मेडल सूची को गलत माना
पोस्ट ग्रेजुएट अर्थशास्त्र के छात्र अभिषेक कुमार सिंह ने याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस मंजू रानी की एकल पीठ ने दीक्षांत के पदकों की SGPA के आधार पर बनाई गई सूची को आधारहीन और गलत माना। कोर्ट ने जब विश्वविद्यालय से पदक SGPA के आधार पर देने की गाइडलाइन मांगी को युनिवर्सिटी प्रशासन नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि एसजीपीए का कैल्कुलेशन पिछले परीक्षा में मिले मार्क्स के आधार पर होता है। ऐसे में मेडल देने का आधार एसजीपीए कैसे हो सकता है।

अभिषेक कुमार सिंह ने AU से न्याय न मिला तो हाईकोर्ट की शरण ली।
अभिषेक कुमार सिंह ने AU से न्याय न मिला तो हाईकोर्ट की शरण ली।

8 को दीक्षांत है इसलिए मेडल की पूरी सूची नहीं रद्द कर रहे
सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि 8 नवंबर को दीक्षांत समारोह है, लिहाजा हमारे पास पूरी मेडल सूची को रद्द करने के ऑप्शन के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। लेकिन, इतने बड़े समारोह के आयोजन को देखते हुए हम सिर्फ अर्थशास्त्र विषय की मेडल सूची को ही रद्द कर रहे हैं। हम सभी विषयों की सूची नहीं रद्द कर रहे हैं। यही नहीं हाईकोर्ट ने मानस मुकुल मौर्या को अयोग्य मानते हुए उनकी दावेदारी को खारिज कर दिया है। इसी के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इविवि के दीक्षांत में दिए जाने वाले प्रो. पीडी हजेला गोल्ड मेडल की पूरी सूची को रद्द कर दिया। सर्वाधिक अंक पाने वाले अभिषेक कुमार सिंह को पदक देने के लिए परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया है।

मेडल वितरण का वैधानिक कारण नहीं बता पाया AU प्रशासन
याचिकाकर्ता अभिषेक कुमार सिंह की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय कोर्ट के समक्ष पदक वितरण के लिए अपनाए गए वैधानिक मानक नहीं प्रस्तुत कर पाया। कोर्ट ने प्रोन्नति में 10% अंकों की बढ़ोत्तरी के तर्क को खुद विश्वविद्यालय और यूजीसी के जारी आंतरिक मूल्यांकन की आवश्यकता के नियम के विरुद्ध पाया।

क्या था मामला?
इलाहाबाद विश्वविद्यालय 2019-20 बैच के पोस्ट ग्रेजुएट प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक कुमार सिंह ने प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में कुल 379 अंक प्राप्त किए, जिसके आधार पर उसे कुल 8.8 एसजीपीए प्राप्त हुआ। इसके अलावा दूसरे नंबर पर मानस मुकुल रहे, जिनको अभिषेक से कम कुल 370 अंक प्राप्त हुए। कम अंक पाने के बावजूद भी उन्हें 8.8 एसजीपीए प्राप्त हुआ। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा हो पाती तब तक कोरोना काल आ गया और परीक्षा नहीं हो पाई।

अभिषेक कुमार सिंह को सामान्य प्रोन्नति के आधार पर दूसरे सेमेस्टर में 418 अंक मिले। इसके आधार पर 9 एसजीपीए प्राप्त हुआ और मानस मुकुल को 412 अंक के आधार पर 9.2 एसजीपीए प्राप्त हुआ। अब सवाल उठता है कि सामान्य प्रोन्नति के बावजूद अधिक अंक पाकर अभिषेक का नाम मेडल की सूची में क्यों नहीं है। इस सवाल पर विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारी बंगले झांकने लगते हैं।

दीक्षांत की रिहर्सल शुरू
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के 8 नवंबर 2021 को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह से पहले मेडल पर विवाद छिड़ गया था। कम अंक पाने वाले का पदक विजेताओं की सूची में नाम था और अधिक अंक पाने वाला सूची से बाहर कर दिया गया था। मेडल की सूची बनाने में नियमों को ताकपर रखने का भी आरोप लगा। जब इस मामले में पीड़ित अभिषेक कुमार सिंह के यूनिवर्सिटी प्रशासन को दिए गए प्रत्यावेदन पर कोई विचार नहीं हुआ तो उसे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उधर, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दीक्षांत समरोह का रिहर्सल शुरू कर दिया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. जया कपूर का कहना है कि अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर पीडी हजेला स्वर्ण पदक मामले में विश्वविद्यालय को अभी तक इलाहाबाद हाईकोर्ट से कोई आर्डर प्राप्त नहीं हुआ है।

खबरें और भी हैं...