31वें दिन भी जारी रहा आमरण अनशन:कल चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू का करेंगे घेराव, फीस वृद्धि वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रयागराज2 महीने पहले
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400 परसेंट फीस वृद्धि के विरोध में आमरण अनशन 31वें दिन भी जारी है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400 पर्सेंट फीस वृद्धि के विरोध में 31 वें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच फीस वृद्धि वापस लेने को लेकर हुई राउंड टेबल टॉक विफल होने के बाद आंदोलन की रणनीति बदल दी गई है। छात्र नेता अब आर या पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

आमरण अनशन कर रहे छात्र नेताओं ने फीस वृद्धि वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इसी कड़ी में छात्र शुक्रवार यानी 7 अक्टूबर को डीएसडब्ल्यू व चीफ प्रॉक्टर दफ्तर का घेराव करेंगे।

4 अक्टूबर को अनशनकारियों ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सीएम और राज्यपाल को रक्त से पत्र लिखकर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की थी। (फाइल फोटो)
4 अक्टूबर को अनशनकारियों ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सीएम और राज्यपाल को रक्त से पत्र लिखकर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की थी। (फाइल फोटो)

DSW-चीफ प्रॉक्टर का घेराव करेंगे छात्र

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर क्रमिक अनशन 806 दिन से जारी है। इसके अलावा 400 % फीस वृद्धि को लेकर भी छात्रनेता आंदोलन कर रहे हैं। फीस वृद्धि के विरोध में पिछले 31 दिनों से आमरण अनशन जारी है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता अजय यादव सम्राट का कहना है कि फीस वृद्धि के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा। अब आर या पार की लड़ाई की तैयारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डीन स्टूडेंट वेलफेयर का घेराव किया जाएगा। इसके अलावा कुलपतिे को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

प्रवेश भवन पर बोला धावा, बंद मिला ताला

फीस वृद्धि के विरोध पर लगातार चल रहे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के बीच गुरुवार को छात्र नेताओं ने प्रवेश भवन पर धावा बोला। प्रवेश पहुंचने के बाद पता चला कि वहां कोई प्रशासनिक अधिकारी है ही नहीं।

प्रवेश भवन पर ताला लगा मिला। आक्रोशित छात्र बैरंग वापस लौट आए। अब शुक्रवार को कैंपस में प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव कर उनको ज्ञापन सौंपा जाएगा। दरअसल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यूजी और पीजी की कक्षाओं में प्रवेश चल रहा है।यह प्रवेश ऑनलाइन ही हो रहा है। ऐसे में प्रवेश भवन पर सन्नाटा पसरा हुआ है।