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UPPSC में देर शाम तक डटी रही CBI:APS भर्ती धांधली से जुड़े दस्तावेज खंगाले, दिरभर चला पूछताछ का दौर; कई अहम सुबूत मिले

प्रयागराज3 महीने पहले
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प्रयागराज के गोविंदपुर स्थित सीबीआई के कैंप कार्यालय के सामने खड़े प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष (मध्य में) अवनीश पांडेय व अन्य प्रतियोगी। - Dainik Bhaskar
प्रयागराज के गोविंदपुर स्थित सीबीआई के कैंप कार्यालय के सामने खड़े प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष (मध्य में) अवनीश पांडेय व अन्य प्रतियोगी।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा अयोग (UPPSC) की APS भर्ती परीक्षा 2010 में धांधली उजागर होने और रिपोर्ट लिखे जाने के बाद CBI ने प्रयागराज में शुक्रवार की रात से ही डेरा डाल दिया है। शनिवार को भी CBI ने आयोग में दिनभर आरोपों के सापेक्ष सबूत तलाशे। देर शाम सीबीआई वापस लौटी। इस परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारयों के बयान दर्ज किए गए। एपीएस भर्ती परीक्षा में भी चयिनत अभ्यर्थियों को सीबीबाई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। उनसे भी लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

सीबीआई ने शनिवार की देर रात तक भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेज खंगाले हैं और संबंधित कर्मचारयों व अधिकारियों से पूछताछ की है। इस कार्रवाई से CBI के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में भी हलचल बढ़ा दी है।

सीबीआई ने लोक सेवा आयोग में शुक्रवार की रात से ही डेरा डाल दिया है।
सीबीआई ने लोक सेवा आयोग में शुक्रवार की रात से ही डेरा डाल दिया है।

सीबीआई के छापे से आयोग में खलबली

पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और देर रात सीबीआई के लोक सेवा आयोग पहुंचने के बाद खलबली मच गई। परीक्षा विभाग के कर्मचारियों व अफसरों से सीबीआई की टीम ने अलग-अलग पूछताछ की है। दस्तावेज भी खंगाले हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम के हाथ कुछ अहम दस्तावेज लगे हैं, अभी जांच जारी है।

दूसरे दिन भी आयोग पहुंची सीबीआई टीम

सीबीआई की टीम दूसरे दिन भी लोक सेवा आयोग पहुंची। वहां कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। अभी कुछ देर में चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ होगी।

उधर, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि सीबीआई अब वर्तमान सचिव जगदीश और पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात पर भी कार्यवाही करे। अवनीश का कहना है कि जब यह स्पष्ट हो गया कि APS भर्ती में धांधली जानते हुए भी इन दोनों लोगों ने नियुक्ति की संस्तुति की है तो फिर इनके खिलाफ भी FIR दर्ज होना आवश्यक ।

प्रतियोगियों ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान सचिव के खिलाफ आपराधिक साजिश में शामिल होकर आयोग के आरोपी अधिकारियों कर्मचारियों को बचाने का आरोप लगाया। अवनीश ने सीबीआई से इनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इससे संबंधित ज्ञापन भी सीबीआई व सीबीसी को भी दिया है।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडे का कहना है कि सीबीआई ने दिसंबर 2020 में शासन से आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक तथा आयोग से आयोग के अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की स्वीकृति देने का अनुरोध किया था पर सरकार ने कुछ नहीं किया। उधर, आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान सचिव ने सीबीआई द्वारा आरोपित आयोग कर्मियों को बचाते हुए अभियोजन स्वीकृति देने से इंकार कर दिया। इन्होंने अभियोजन स्वीकृति न देने का आधार यह लिया कि इस भर्ती के संबंध में उच्चतम न्यायालय में एक एसएलपी विचाराधीन है। जिस कारण से अभियोजन स्वीकृति देना संभव नहीं है। आयोग ने यही उत्तर तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक के मामले में भी शासन को भेजा। लेकिन शासन ने आयोग के इस आधार को निराधार पाते हुए परीक्षा नियंत्रक के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति सीबीआई को भेज दी, जिसके बाद सीबीआई ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

आयोग ने नहीं दी थी अभियोजन स्वीकृति

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी का कहना है कि आयोग द्वारा अभियोजन स्वीकृति देने से इनकार करने का परिणाम है कि घोटाला करने वाले आयोग कर्मी चिन्हित होने के बावजूद सीबीआई को अज्ञात में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी है । इसके अतिरिक्त मुकदमा दर्ज करने में 7 माह का अनावश्यक विलंब भी हुआ है।

आयोग ने हड़बड़ी में कराई ज्वाइनिंग

प्रदेश की योगी सरकार ने लोक सेवा आयोग में प्रतियोगियों द्वारा लगातार किए जा रहे सीबीआई जांच की मांग को देखते हुए 19 जुलाई 2019 को सीबीआई जांच की घोषणा की थी। इसके बाद केंद्र से अप्रूवल नवंबर 2019 में मिला। एपीएस का अंतिम परिणाम 2017 में आया था। सीबीआई जांच की घोषणा के बाद आयोग ने एपीएस के चयनितों की ज्वाइनिंग कराना शुरू किया। प्रतियोगियों ने जब इसकी शिकायत योगी सरकार से की तो योगी ने ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी और 28 लोगों की ज्वाइनिंग रह गई।

जा सकती है चयनितों की नौकरी

सीबीआई जांच में एपीएस के पद पर चयनित कई अभ्यर्थियों की नौकरी पर बन आई है। सीबीआई की पूछताछ में पता चला है कि कई चयनित अभ्यर्थियों ने अपने कम्प्यूटर सर्टिफिकेट में टेंपरिंग की है और फर्जी सर्टिफिकेट लगाए हैं। ऐसे में उनके खिलाफ न सिर्फ एफआई दर्ज करने की तैयारी है बल्कि नौकरी भी जानी तय है।

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