जिला समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन पर रोक​​​​​​​:राज्य सरकार सहित सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया

प्रयागराज2 महीने पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रयागराज प्रवीण कुमार सिंह को निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार सहित सभी पक्षकारों को याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रवीण कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।

नियम विरुद्ध काम करने का था आरोप

जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह को राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति नियम विरुद्ध तरीके से करने के आरोप में निलंबित किया गया था। इस आदेश को याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने गरीब व मेधावी छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना की है। प्रयागराज जिले में चार ऐसे विद्यालय हैं। याची जिला समाज कल्याण अधिकारी है और उक्त विद्यालयों के सुचारू रूप से संचालन की जिम्मेदारी भी उस पर है।

बिना जांच कराए और आरोप पत्र दाखिल किए हुआ निलंबन

याची को दो विद्यालयों में नियम विरुद्ध तरीके से सुपरिटेंडेंट की नियुक्ति करने व कार्यवाहक प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के बगैर बिल पास करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। याची का कहना है कि वह 2018 से जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत है। उसने कभी भी कोई कार्य नियम विरुद्ध तरीके से नहीं किया है और न ही उसके विरुद्ध कभी कोई कार्यवाही हुई है। याची के निलंबन का आदेश करने से पूर्व न तो किसी जांच अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही उसे आरोप पत्र दिया गया। निलंबन आदेश मनमाने तरीके से किया गया है। कोर्ट ने याची के निलंबन पर रोक लगाते हुए सभी पक्षकारों से याचिका पर जवाब मांगा है।

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