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बेसिक शिक्षा परिषद के पूर्व सचिव के निलंबन पर रोक:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संजय सिन्हा के मामले में सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा

प्रयागराज3 दिन पहले
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संजय सिन्हा को विभन्न आरोपों में निलंबित कर दिया गया था। कोर्ट ने बुधवार को उन्हें बहाल कर दिया। - Dainik Bhaskar
संजय सिन्हा को विभन्न आरोपों में निलंबित कर दिया गया था। कोर्ट ने बुधवार को उन्हें बहाल कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के पूर्व सचिव संजय सिन्हा के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

न्यायालय ने इसी मामले में अपना अलग अधिवक्ता नियुक्त करने पर महानिदेशक बेसिक शिक्षा को तलब करते हुए व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करने के लिए कहा है। पूछा है कि जब उनके कार्यालय का पक्ष रखने के लिए मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने नोटिस प्राप्त किया है तो किन परिस्थितियों में उन्होंने अलग अधिवक्ता पैनल नियुक्त किया।यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने संजय सिन्हा की याचिका पर दिया है।

मनगढंत आरोपों के आधार पर संजय सिन्हा का हुआ निलंबन

याची के अधिवक्ता का तर्क था कि उनको अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा के 5 मार्च 2021 के आदेश से निलंबित कर दिया गया है। याची के खिलाफ दो अज्ञात लोगों ने शिकायत दर्ज की थी, जिसके साथ कोई शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया है, जबकि 19 अगस्त 2012 के शासनादेश के अनुसार किसी भी शिकायत के साथ शपथ पत्र दाखिल किया जाना आवश्यक है। याची के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप के आधार पर अधिकारियों ने उनको निलंबित कर दिया है। याची सितंबर 2018 तक सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पद पर रहा है। इसके बाद से उसने कभी भी इस पद पर काम नहीं किया है। उसके खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह सचिव पद पर कार्यकाल के दौरान के हैं।

सचिव पद से हटने के तीन साल बाद हुई निलंबन की कार्रवाई

सचिव पद से हटने के तीन साल बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। याची 31 अगस्त 2021 को सेवानिवृत्त होने जा रहा है । निलंबन आदेश मनमाना है और इसे पारित करने में विवेक का प्रयोग नहीं किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का तर्क था कि याची पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं तथा इसमें उनको बड़ा दंड मिल सकता है। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए सरकार से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

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