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यूपी बार काउंसिल की पहल:केंद्र और राज्य सरकार से मांगा वकीलों का बकाया,सीएम ने अधिकारियों को जल्द भुगतान का दिया निर्देश

प्रयागराज3 महीने पहले
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सरकार से गैर-सरकारी वकीलों के लिए भी वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सरकार से गैर-सरकारी वकीलों के लिए भी वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है।

बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश ने केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर सरकारी वकीलों का बकाया जल्द से जल्द चुकाने को कहा है। इस पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सरकारी वकीलों का भुगतान जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया है। बार ने सरकार से कहा कि कोविड महामारी के कारण, वकील सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अदालतें केवल आंशिक रूप से काम कर रही हैं, वह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड से। ऐसे में वकीलों की आर्थिक सहायता बहुत जरूरी हो गया है।

गैर-सरकारी वकीलों के लिए भी मांगी वित्तीय सहायता
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह बताया कि उन्होंने सरकार से सरकारी वकीलों के लंबित बकाया का भुगतान करने को कहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ प्रयागराज आए थे और उन्होंने वकीलों की समस्याओं को दूर करने को कहा था। उन्होंने आश्वासन भी दिया था पर अभी भुगतान नहीं हो सका है। फिर से पत्र लिखा गया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने गैर-सरकारी वकीलों के लिए भी वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है। कोरोना के कारण मार्च 2020 से अदालतों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश में सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस रखने वाले लगभग 1,71,000 अधिवक्ता हैं जिनको काउंसिल ने पहले ही वित्तीय सहायता प्रदान कर दी है।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पिछले साल ही बांटे थे 80 लाख रुपये
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह बताया कि पिछले ही साल हमने आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों को 80 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। इसमें कोविड से प्रभावित और अस्पताल में भर्ती वकीलों को 10 हजार रुपये मेडिकल एड भी शामिल है। अब हमें यूपी बार काउंसिल से 65 लाख रुपये मिले हैं। उन्होंने बताया कि बार के पास अब आर्थिक संकट आ गया है। हमें 40 लाख रुपये की एफडी तोड़नी पड़ी है। इसके पीछे कोर्ट का न खुलना और सब्सक्रिप्शन का न आना है। उन्होंने बताया कि वकीलों को राहत देने के लिए बार काउंसिल ने दस करोड़ रुपये की आर्थिक सहायदा प्रदान की थी। उच्च न्यायालयों सहित राज्य के 75 जिलों के वकीलों को वित्तीय सहायता दी गई है।

वकीलों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम
युवा वकीलों को किताबें और पत्रिकाएं खरीदने के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट।
जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इलाहाबाद में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण का प्रस्ताव है।
न्यायाधीशों के लिए आवास निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए।
इलाहाबाद पीठ के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कल्याण टिकटों की बिक्री से 20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, और इसे वकील कल्याण कोष में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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