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अब स्पीड पोस्ट से अस्थि विसर्जन:वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार, गया में होगा विसर्जन; वेबकास्ट से लाइव देख सकेंगे परिजन

प्रयागराज6 दिन पहले
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वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसे वेबकास्ट के माध्यम से मृतक के परिजन देख भी सकेंगे। प्रतीकात्मक इमेज। - Dainik Bhaskar
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसे वेबकास्ट के माध्यम से मृतक के परिजन देख भी सकेंगे। प्रतीकात्मक इमेज।

कोरोना के दौर में डाक विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। अब लोग अपने परिजनों की अस्थियां स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और गया भेज सकेंगे। वहां संस्था के प्रतिनिधियों की ओर से विधिवत अस्थि विसर्जन व श्राद्ध आदि कर्मकांड कराए जाएंगे।

देश के किसी भी कोने से भेजें अस्थियां
देश-दुनिया में रहने वाले हजारों लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। ज्यादातर लोगों के घरों में कई सदस्य बीमार थे, लिहाजा मरने वालों के श्राद्ध कर्म भी विधि-विधान से नहीं हो पाए। सनातन धर्म में पवित्र नदियों में अस्थि विसर्जन की परंपरा सदियों से रही है। इसी परंपरा को अब डाक विभाग ने एक नया रूप दे दिया है। इस पहल के अब तहत देश के किसी भी कोने से अस्थियां डाकघरों से स्पीड पोस्ट के माध्यम से इन जगहों पर भेजी जा सकेंगी।

पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन
अगर कोई व्यक्ति स्पीड पोस्ट के माध्यम से अस्थित विर्सजन कराना चाहता है तो सबसे पहले उसे ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल htpp://omdivyadarshan.org पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद डाकघर के माध्यम से अस्थियों का पैकेट लोग स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और गया में से जहां चाहें भेज सकेंगे। इसे अच्छी तरह से पैक करने के बाद डाक विभाग को सौंपना होगा। पैकेट पर मोटे अक्षरों में ‘ओम दिव्य दर्शन’ लिखना होगा। पैकेट पर भेजने वाले को अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर भी लिखना होगा। स्पीड पोस्ट का शुल्क भेजने वाले से ही लिया जाएगा।

विभाग ने अस्थि विसर्जन की स्पीड पोस्ट सेवा शुरू कर दी है।
विभाग ने अस्थि विसर्जन की स्पीड पोस्ट सेवा शुरू कर दी है।

संस्था कराएगी विधिवत अस्थि विसर्जन
स्पीड पोस्ट बुक करने के बाद भेजने वाले को ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल पर स्पीड पोस्ट, बार कोड नंबर सहित बुकिंग डिटेल्स अपडेट करना होगा। डाकघर में पैकेट प्राप्त होने के बाद उसे ओम दिव्य दर्शन के पते पर भेज दिया जाएगा। इसके बाद संस्था पुरोहितों के माध्यम से विधिवत अस्थि विसर्जन एवं श्राद्ध संस्कार आदि कराएगी।

वेबकास्ट से लाइव देख सकेंगे अस्थि विसर्जन
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इसे वेबकास्ट के माध्यम से मृतक के परिजन देख भी सकेंगे। सभी संस्कारों के बाद संस्था की ओर से मृतक के परिजनों को डाकघर की ओर से एक बोतल गंगाजल भी भेजा जाएगा। इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। डाक विभाग अभी तक गंगाजल पूरे देश में डाकघरों से उपलब्ध कराने का काम कर रहा है। आप किसी भी डाकघर से गंगाजल ले सकते हैं।

ट्रैवेल से भी बचेंगे और सुरक्षित रहेंगे लोग
इस पहल के पीछे एक मकसद यह भी है कि लोग अपने घरों में सुरक्षित रहें और परिजनों का श्राद्ध कर्म भी पूरे रस्म और रिवाज के साथ पूरा हो। इससे नौकरी पेशा लोगों को सहूलियत मिलेगी। ऐसे लोग जो अस्थि विसर्जन तो करना चाहते हैं पर समय के अभाव में ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

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