CBI के सब इंस्पेक्टर के घर छापा:प्रयागराज में अपने ही SI के ठिकानों पर खंगाले दस्तावेज, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री देशमुख वाले मामले में रिश्वत लेकर जांच रिपोर्ट लीक करने का आरोप

प्रयागराजएक महीने पहले
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CBI ने अपने सब इंस्पेक्टर के प्रयागराज स्थित आवास पर गुरुवार व शुक्रवार को छापेमारी की। - Dainik Bhaskar
CBI ने अपने सब इंस्पेक्टर के प्रयागराज स्थित आवास पर गुरुवार व शुक्रवार को छापेमारी की।

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े चर्चित मामले में सीबीआई ने अपने ही सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार करने के बाद उसके प्रयागराज स्थित ठिकानों पर गुरुवार और शुक्रवार को छापेमारी की। इस दौरान कई दस्तावेज जब्त किए। सीबीआई की टीम गुरुवार की देर रात तक छापेमारी की कार्रवाई करती रही। शुक्रवार को भी अभिषेक के अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। दोपहर तक यह कार्रवाई जारी रही। सीबीआई, अभिषेक तिवारी और अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा को पहले ही मुंबई से गिरफ्तार कर चुकी है।

CBI ने 24 घंटे से प्रयागराज में डाल रखा है डेरा
सीबीआई की टीम गुरुवार को ही प्रयागराज पहुंच गई थी। टीम ने अभिषेक तिवारी के आनंद भवन के पास कर्नलगंज स्थित घर व अन्य ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को अभिषेक तिवारी और वकील आनंद डागा में मिलीभगत होने का शक है। इसके अलावा सीबीआई के सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी पूर्व मंत्री अनिल देशमुख को क्लीनचिट दिए जाने की फाइल तैयार कर रहे थे। उन पर रिश्वत लेकर अनिल देशमुख को क्लीनचिट देने का आरोप लगा था। इसी आरोप के तथ्य तलाशने के लिए सीबीआई ने पिछले 24 घंटे से प्रयागराज में डेरा डाल रखा है।

CBI की गिरफ्त में है सब इंस्पेक्टर
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ रिश्वत के आरोप लगाए थे। देशमुख ने इन आरोपों के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस मामले की जांच कर रहे प्रयागराज के रहने वाले सीबीआई सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी पर रिश्वत लेकर शुरुआती जांच रिपोर्ट को लीक करने का आरोप लगा था। अभिषेक तिवारी को मिलीभगत कर रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

रिश्वत लेकर रिपोर्ट लीक करने का है आरोप
वकील आनंद डागा भी सीबीआई की गिरफ्त में है। देशमुख को कथित तौर पर देने वाली रिपोर्ट शनिवार को लीक हो गई थी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने रिपोर्ट के लीक होने की जांच शुरू कर दी है, जिसमें तब पता चला है कि देशमुख की टीम ने एजेंसी के अधिकारी को कथित तौर पर उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। इसी क्रम में सीबीआई ने बुधवार को देशमुख के दामाद गौरव चतुर्वेदी और वकील आनंद डागा से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद आरोप सही पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

यह है पूरा मामला
उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास के बाहर एक एसयूवी कार में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। जांच के दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद परमवीर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया था वाजे को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के बाद परमवीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि देशमुख ने बाजे को मुंबई के बाहर और रेस्त्रां से 1 महीने में 100 करोड़ रुपए से अधिक की रकम वसूलने को कहा था।

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