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ललित हत्याकांड में पूर्व MLA पूजा पाल की मुश्किलें बढ़ीं:प्रयागराज में 5साल पहले हुए सराफा कारोबारी की हत्या में CBI ने मर्डर सीन दोहराया; पूजा पाल समेत 7 आरोपियों से होगी पूछताछ

प्रयागराज16 दिन पहले
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ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा ने उस वक्त बताया था कि ललित और पूर्व विधायक पूजा पाल के बीच धूमनगंज के साकेत नगर में एक मार्केट का विवाद चल रहा था। इसी विवाद में ललित की हत्या हुई थी। पूजा पाल समेत 7 पर के दर्ज हुआ था। - Dainik Bhaskar
ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा ने उस वक्त बताया था कि ललित और पूर्व विधायक पूजा पाल के बीच धूमनगंज के साकेत नगर में एक मार्केट का विवाद चल रहा था। इसी विवाद में ललित की हत्या हुई थी। पूजा पाल समेत 7 पर के दर्ज हुआ था।

यूपी के प्रयागराज शहर पश्चिमी की पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल समेत सात लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। जनपद में 5 साल पहले हुए चर्चित सराफा कारोबारी ललित वर्मा हत्याकांड के मामले में बुधवार को सीबीआई ने घटनास्थल पर मर्डर का सीन रीक्रिएट किया।इस हत्याकांड में सीबीआई मार्च माह पहले पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने सिविल लाइंस थाने से एफआईआर के कागजात, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के दस्तावेजों को अपने हैंडओवर लिया है।

डेमो के जरिए देखा घटना का तरीका और जाना समय

सिविल लाइंस कोतवाली अंतर्गत बिशप जॉनसन स्कूल के पीछे वाली गली में स्थित घटनास्थल पर बुधवार को सीबीआई की फॉरेंसिक टीम पहुंची। वहां इस घटना के चश्मदीद और सिविल लाइंस पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए ललित वर्मा के चचेरे भाई विक्रम वर्मा के बयान के आधार पर घटना के सीन को दोहराया। ललित और विक्रम वर्मा के रूप में दो युवक बाइक पर बैठकर आगे बढ़े। पीछे से बाइक और कार से शूटर पहुंचे। ललित की बाइक को टक्कर मारने के बाद पीछे से आए शूटरों ने उन्हें गोली मारी। सीबीआई ने सीन दोहराने के दौरान इस बात का बारीकी से अध्ययन किया कि कैसे और कितनी दूरी से गोली चलाई गई थी। बाइक पर पीछे बैठे ललित वर्मा को गोली मारने वालों ने कहां से फायरिंग की थी। वहां घटनास्थल के आसपास भागने के तरीके और आने और जाने के रास्ते का भी गहनता से निरीक्षण किया।

पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल।
पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल।

पूर्व विधायक को मिली थी क्लीनचिट

दरअसल इस घटना में पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए ललित वर्मा के साथ मौजूद उसके चचेरे भाई विक्रम वर्मा का कहना था कि कार और बाइक से पहुंचे हमलावरों ने पीछे से गोलियां चलाई थी। जिसमें दोनों भाई घायल हो गए। जबकि इस प्रकरण की विवेचना कर रही सिविल लाइंस पुलिस ने खुलासे के वक्त कहा था कि सीसीटीवी फुटेज में घटना के वक्त कार कहीं नहीं दिखाई दी। सिर्फ बाइक सवार नजर आ रहे थे। इसी आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने विक्रम वर्मा को आरोपी बनाकर जेल भेजा था।

2016 में ललित वर्मा की हुई थी हत्या
धूमनगंज कोतवाली अंतर्गत जयंतीपुर मोहल्ला निवासी विनोद वर्मा का बेटा ललित वर्मा 3 फरवरी 2016 में अपने चचेरे भाई विक्रम वर्मा के साथ बाइक से सिविल लाइन जा रहा था। सिविल लाइंस में बिशप जॉनसन स्कूल के पीछे पंचशील कालोनी वाली गली में ललित वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में विक्रम वर्मा को भी गोली लगी थी।

इस हत्याकांड में ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा ने उस वक्त बताया था कि ललित और पूर्व विधायक पूजा पाल के बीच धूमनगंज के साकेत नगर में एक मार्केट का विवाद चल रहा था। उसी विवाद के चलते उनके बेटे की हत्या कराई गई है। इस हत्याकांड में उन्होंने पूर्व विधायक पूजा पाल और उनके सहयोगी राजेश त्रिपाठी, संदीप यादव, राहुल पाल, दिलीप पाल, मुकेश केशरवानी व पृथ्वीपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिन्हें जांच के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने क्लीन चिट दे दिया था। साथ ही ललित वर्मा के साथ रहे उसके चचेरे भाई और घटना के दौरान घायल हुए विक्रम वर्मा को ही आरोपी बनाकर सिविल लाइंस पुलिस ने जेल भेज दिया था।

घटना की सीन क्रिएट करते सीबीआई के फॉरेंसिक एक्सपर्ट।
घटना की सीन क्रिएट करते सीबीआई के फॉरेंसिक एक्सपर्ट।

अतीक अहमद का भी आया था नाम
इस प्रकरण में जेल में बंद और पूजा पाल के पति पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख आरोपी बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद का भी नाम आया था। शुरुआती दौर में पूजा पाल की ओर से कहा गया था कि अतीक अहमद के इशारे पर ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बता दें कि राजू पाल हत्याकांड की जांच भी सीबीआई कर रही है।

ललित के परिजनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगाई थी अर्जी

सिविल लाइंस पुलिस की विवेचना से असंतुष्ट ललित के परिवार हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनकी अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में वर्ष 2017 में इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 2019 में पूर्व विधायक पूजा पाल समेत 7 लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर जांच शुरू की। सीबीआई आरोपियों का बयान दर्ज कर चुकी है।

सीबीआई इस प्रकरण में आरोपी बनाई गई पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है।
सीबीआई इस प्रकरण में आरोपी बनाई गई पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है।

सीबीआई ने विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफआईआर कॉपी को कब्जे में लिया

इसके पहले सिविल लाइंस कोतवाली से सीबीआई टीम ने ललित हत्याकांड से संबंधित एफआईआर की कॉपी, विवेचना एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य एवं दस्तावेज लिए। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस रविंद्र सिंह ने बताया कि सीबीआई टीम ने दलित हत्याकांड से संबंधित जो भी दस्तावेज मांगे, वह उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इस प्रकरण में आरोपी बनाई गई पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है। इससे पहले सीबीआई ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा, चाचा मान सिंह एवं आरोपी बनाए गए भाई विक्रम वर्मा का बयान दर्ज कर चुकी है। साथ ही तत्कालीन पुलिस अधिकारियों, इंस्पेक्टर और विवेचक से भी पूछताछ कर चुकी है।

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