पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Prayagraj
  • Child Rights Act Is Not Being Followed In The State, Allahabad High Court Ordered For Protection Of Child Rights And Compliance Of Law, Called For Reply From The State Government

प्रदेश में नहीं हो रहा बाल अधिकार कानून का पालन:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल अधिकारों के संरक्षण व कानून के पालन का आदेश दिया, राज्य सरकार से जवाब तलब

2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
याचिका में सरकार पर कानून की अनदेखी करने का है आरोप - Dainik Bhaskar
याचिका में सरकार पर कानून की अनदेखी करने का है आरोप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश में बाल श्रम, बाल मजदूरी, यौन शोषण, बाल उत्पीड़न, किशोर कानून का पालन न किए जाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई की। इन आरोपों के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है और कहा है कि सरकार कानून व नियमों का पालन सुनिश्चित कराए। याचिका की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

यह आदेश एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने बागपत के पवन तिवारी की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह, अनुराग यादव व राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा।

ब्लाक व ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन नहीं

कानून व नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कड़ाई से पालन करने का आदेश जारी किया जाय।

याची का कहना है कि ब्लाक व ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति गठित नहीं की गई है। इन समितियों का तीन सप्ताह के भीतर गठन करने का आदेश दिया जाए और बाल संरक्षण, शिक्षा स्वास्थ्य आदि की जांच किया जाए। यह भी देखें कि बाल मजदूरी न होने पाए। यौन शोषण न हो,और उनका उत्पीड़न न होने पाए।

अधिकारियों को भेजे गए प्रत्यावेदन पर नहीं मिला कोई जवाब

याची ने बताया कि ऐसी घटना की सूचना वह जिला बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण समिति, स्पेशल पुलिस यूनिट को भेजे, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है।धारा 8(4) व धारा 86(5) तथा धारा 8(6) व 86(11) में स्पष्ट कहा है कि बाल कल्याण पुलिस अधिकारी सादे वेश में रहेंगे। बालिकाओं के लिए महिला पुलिस रहेगी। इन्हें पुलिस थाना,जिला समिति, कोर्ट,आदि जगहों पर डिस्प्ले बोर्ड पर लिखा जायेगा। पुलिस अधिकारियों व यूनिट की सूचना दी जाएगी। सभी अधिकारियों को प्रत्यावेदन भेजा गया है किन्तु कोई जवाब नहीं दिया।

आश्चर्य है, बागपत में 20 साल में एक भी बाल अपराध नहीं

एसपी बागपत से सूचना अधिकार कानून के तहत जब जानकारी मांगी तो चौंकाने वाला तथ्य पता चला। बताया गया कि 2001 से 2021 तक बागपत जिले में बाल अपराध का एक भी केस दर्ज नहीं है। जिस पर कोर्ट ने कानून का पालन कर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया है।

खबरें और भी हैं...