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प्रयागराज में घट रहा कोरोना:एक मई को 2000 नए केस तो 30 मई को केवल 30 मिले संक्रमित, कोविड अस्पतालों के 90 फीसद बेड खाली

प्रयागराज18 दिन पहले
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कोरोना संक्रमण को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका इफेक्टिव टेस्टिंग एंड ट्रैकिंग एंड ट्रीटमेंट सिस्टम रहा। - Dainik Bhaskar
कोरोना संक्रमण को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका इफेक्टिव टेस्टिंग एंड ट्रैकिंग एंड ट्रीटमेंट सिस्टम रहा।

शहर में हालात अब हेल्दी हैं। एक मई को जहां कोविड पॉजिटिव केसों की संख्या 2000 थी, वहीं 30 मई को यह संख्या केवल 30 रह गई है। अब जबकि प्रदेश सरकार ने 20 जिलों में लॉकडाउन सात मई तक बढ़ा दिया है, उम्मीद की जा रही है कि संक्रमितों की संख्या तेजी से और कम होगी। टेस्टिंग बढ़ने से केसों की संख्या में तेजी से कमी आई है। कोविड से मरने वालों की संख्या अब प्रतिदन 10-12 से एक-दो ही रह गई है। संक्रमितों की संख्या में कमी आने से शहर के कोविड सेंटरों में 90 फीसद तक बेड खाली पड़े हैं।

90 फीसद तक बेड खाली पड़े
कोविड-19 पेशेंट्स संख्या अब तेजी से कमी हो रही है। जहां एक माह पूर्व 2000 से ऊपर रोज कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलते थे आज उनकी संख्या घटकर 30 रह गई है। इसकी गवाही शहर के कोविड अस्पताल भी दे रहे हैं। इन अस्पतालों में 90 फीसद तक बेड खाली पड़े हैं। कमला नेहरू अस्पताल में तो कोविड वार्ड में एक भी संक्रमित मरीज नहीं भर्ती है। अब आईसीयू को लेकर भी कोई मारामारी नहीं रह गई है। कई अस्पतालों में आईसीयू कई दिनों से यूज ही नहीं हुए हैं। कुछ सप्ताह पहले शहर के अस्पतालों के भयावह हालात थे। जहां लोगों को अपने परिजनों को एडमिट करने के लिए बेड नहीं मिल रहे थे। आइसीयू की मारामारी थी। आज वहीं शहर के ज्यादातर कोविड हॉस्पिटल्स खाली पड़े हैं। लेवल टू के अस्पताल कमला नेहरू में इस समय एक भी कोरोना रोगी नहीं भर्ती हैं। ऐसे ही लेवल टू के अस्पताल टीबी सप्रू में एक भी कोरोना पॉजिटिव पेशेंट आईसीयू में नहीं है। इसके पीछे पिछले लगातार कोरोना केसेज में आ रही कमी है।

घट रहे कोरोना मामलों ने दी राहत
यदि आंकड़ों पर गौर करें तो 30 मई को केवल 30 संक्रमित ही मिले थे। 20 मई को यह संख्या 39 व 28 मई को 48 संक्रमित मरीज दर्ज किए गए थे। 27 मई को यह संख्या 49 रही। 26 मई को केवल 46 नए संक्रमित मरीज मिले। 25 मई को यहां संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 48 पर पहुंचा। यदि एक मई को देखा जाए तो कोरोना से संक्रमितों की संख्या 2000 के करीब थी। इसके बाद संक्रमित होने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।

ऐसे घटी कोरोना संक्रमितों की संख्या
स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं कि कोरोना संक्रमण को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका इफेक्टिव टेस्टिंग एंड ट्रैकिंग एंड ट्रीटमेंट सिस्टम रहा। इसके अलावा शहर में प्रशासन द्वारा बनाए गए कैंटोनमेंट जोन में लोगों के बाहर न निकलने देने का कड़ाई से पालन कराना और जागरूकता बड़ा कारण रहा। कोविड के नोडल अफसर डॉ. ऋषि सहाय कहते हैं कि संक्रमण को रोकने में कोरोना की टेस्टिंग ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। इसके अलाव प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए कोविड कर्फ्यू भी संक्रमण के सामूहिक फैलाव को रोकने में कारगर रहा।

एसआरएन में भी 75 फीसद बेड खाली
प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एसआरएन अस्पताल में कुल 1200 बेड हैं। इनमें से 538 बेड को कोरोना पेशेंट्स के लिए रिजर्व रखा गया था। इस समय इनमें से 75 फीसद बेड खाली पड़े हैं। आज के ठीक 20 दिन पहले हमारे पास एक भी बेड खाली नहीं थे। गंभीर मरीजों को भी फर्श पर लिटाकर इलाज करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस समय अस्पताल में केवल 82 कोविड मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा करीब 60 मरीज पोस्ट कोविड के हैं, जिनका इलाज चल रहा है। बाकी बेड खाली पड़े हैं। यही नहीं एसआरएन में 200 आइसीयू बेड में से इस समय 111 बेड खाली पड़े हैं। कुछ ऐस ही हाल रेलवे अस्पताल का भी है। यहां भी 175 बेड में से 80 फीसद बेड खाली पड़े हैं। तेज बहादुर चिकित्सालय में कुल 185 बेड हैं। इनमें से केवल पांच बेड पर ही कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। इसी के साथ 20 आइसीयू बेड में से 15 खाली पड़े हैं।

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