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प्रयागराज HC में वर्चुअल सुनवाई का विरोध:खुली अदालत में सुनवाई की मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन, एक सप्ताह के लिए 16 अदालतें बैठाने का आदेश

प्रयागराज2 महीने पहले
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इलाहाबाद में वकीलों ने कोर्ट म - Dainik Bhaskar
इलाहाबाद में वकीलों ने कोर्ट म

ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 7 जून से वर्चुअल सुनवाई के बजाय खुली अदालत में मुकदमों की सुनवाई की मांग को लेकर गुरुवार को वकीलों ने हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रशासन अभिषेक शुक्ल के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय प्रशासन से खुली अदालत में सुनवाई व्यवस्था लागू करने की मांग की।

अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्चुअल सुनवाई में नेट का कनेक्शन सही नहीं मिल पाता। कनिष्ठ अधिवक्ताओं को इस प्रक्रिया की जानकारी न होने से दिक्कत आ रही है। जिससे मुकद्दमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है।

हजारों की संख्या में नये मुकद्दमें दाखिल हैं, जो महीनों से सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। वादकारी अधिवक्ताओं पर सुनवाई के लिए दबाव डाल रहे हैं। आनलाइन दाखिले की कठिनाई के कारण अधिवक्ताओं को भारी परेशानी भी उठानी पड रही है। वकीलों की मांग है कि वर्चुअल सुनवाई के बजाय खुली अदालत में अधिक संख्या में न्यायपीठ बैठाकर सुनवाई की जाए।

सात जून से बैठेंगी 16 अदालतें
उधर, 3 जून की शाम कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव ने आदेश जारी कर अगले एक हफ्ते 7 जून से 11जून तक 16 अदालतें बैठाने का आदेश दिया है । 3 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार कोविड 19 संक्रमण को देखते हुए डेली काज लिस्ट अभी नहीं छपेगी।

अर्जेन्सी अर्जी कोर्ट में मंजूर होने पर पुराने मुकद्दमें एडिशनल काज लिस्ट में छपेंगे और सुने जाएंगे। हत्या, डकैती, दुराचार, अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक अपीलों, जेलों में बंद आधी सजा भुगत चुके आरोपियों की अपीलों की सुनवाई में वरीयता दी जायेगी। मिडिएशन से तय होने वाले मामले, किशोर न्याय के मामले, केन्द्रीय या राज्य के कानून की वैधता की चुनौती मामले अर्जेन्सी अर्जी पर एडिशनल काज लिस्ट में छपेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सुने जाने वाले मुकद्दमें भी सुनें जायेंगे
एम पीएएमएल व एमएलसी के विरूद्ध लंबित आपराधिक अपीलें सुनीं जायेंगी। इनमें अर्जेन्सी अर्जी देने की जरूरत नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सुने जाने वाले मुकद्दमें भी सुनें जायेंगे। इस व्यवस्था को घोषित करने के तुरंत बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने एक आदेश जारी कर कहा कि कोविड 19 संक्रमण को देखते हुए अगले हफ्ते 7जून से 11जून तक केवल 16 अदालतें ही बैठेंगी।