अब क्या चकबंदी अधिकारी भी डॉक्टर का काम करेंगे?:प्रयागराज में डेंगू कंट्रोल रूम का इंचार्ज चकबंदी अधिकारी को बनाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज

प्रयागराजएक महीने पहले
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प्रयागराज में डेंगू कंट्रोल रूम का इंचार्ज एक चकबंदी अधिकारी को बनाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने राज्य सरकार व प्रयागराज जिला प्रशासन से पूछा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम में चकबंदी अधिकारी क्यों तैनात हैं? इस भयानक बीमारी से उनका क्या संबंध है। अब क्या चकबंदी अधिकारी भी डॉक्टर का काम करेंगे?

कंट्रोल रूम में चकबंदी अधिकारी की तैनाती पर कोर्ट आश्चर्य चकित

जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर एवं जस्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने चकबंदी अधिकारी की तैनाती को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया। कहा कि डेंगू और चकबंदी अधिकारी का क्या संबंध है? चकबंदी अधिकारी अब डॉक्टरों का भी काम करेंगे? कोर्ट ने पूछा यह बताया जाए कि इस भयंकर बीमारी की रोकथाम में चकबंदी अधिकारी का क्या योगदान है।

सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए सरकार व जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहे है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है और इसमें एक चकबंदी अधिकारी को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा मौसमी जूस चढ़ाने का मामला

इससे पहले शहर में महामारी का रूप ले रहे डेंगू बीमारी को लेकर स्वयं कायम की गई जनहित याचिका में हाईकोर्ट के अधिवक्ता आईआर सिंह को बतौर न्याय मित्र कोर्ट का सहयोग करने को कहा था। कोर्ट में उपस्थित अधिवक्ता न्याय मित्र ने आज कोर्ट को बताया की प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए एक रोगी को शहर में मौसमी का जूस चढ़ा दिया गया। बाद में रोगी की मौत भी हो गई। कोर्ट ने इस पर न्याय मित्र से कहा कि वह इस घटना को लेकर कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल करें।

न्याय मित्र ने डेंगू की रोकथाम के लिए की जा रही सरकारी कार्यवाही को महज एक खानापूर्ति बताया तथा कहा कि प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना होगा और इसके लिए संवेदनशील अधिकारियों की तैनाती करनी होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से 10 दिन में हलफनामा मांगा है।

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