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तकनीक ने बचा लिए 15.49 लाख:प्रयागराज में 4 दिन पहले जल गए थे SBI के दो ATM, अब दूसरी मशीन खोलेगी एक्स्पर्ट की टीम

प्रयागराज5 महीने पहले
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आग लगने के बाद SBI का ATM कुछ इस तरह से दिख रहा था। - Dainik Bhaskar
आग लगने के बाद SBI का ATM कुछ इस तरह से दिख रहा था।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 4 दिन पहले SBI के दो ATM जलकर खाक हो गए थे। इस दौरान ATM में लगी ट्रे में रखे रुपए 15.49 लाख रुपए, एकदम सुरक्षित निकले। केवल ट्रे के कुछ नोट काले पड़ गए थे। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार को विशेषज्ञों की टीम जले हुए दूसरे ATM को खोलेगी।

5 जुलाई को शार्ट सर्किट की वजह से लगी थी आग, जल गई थी दो मशीनें
दरअसल, 5 जुलाई को अतरसुइया थानाक्षेत्र के गोल पार्क स्थित SBI के ATM बूथ में आग के दौरान दो मशीनें जलकर नष्ट हो गई थीं। उस वक्त वहां सिक्योरिटी गार्ड मौजूद था। उसी ने पुलिस को सूचना दी थी। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था। इस दौरान बूथ में लगी निकासी और कैश जमा करने की दोनों मशीनें जल गई थीं। बैंक अफसरों को मशीन की हालत देखकर यह कम ही उम्मीद थी कि चेस्ट में रखे गए रुपए सुरक्षित होंगे। चूंकि मशीनें इतना जल गई थी कि उन्हें तत्काल खोला जाना संभव नहीं थ।, जिसके चलते यह नहीं पता चल पा रहा था कि एटीएम के अंदर भरे रुपए सुरक्षित हैं या नहीं।

अब खुलेगी दूसरी मशीन
SBI मीरापुर शाखा के मैनेजर सत्यम कुमार उत्पल, CMS अनिल सिन्हा, पटल अधिकारी राजीव सिंह के साथ ही कस्टोडियन कंपनी SBIL के दो कर्मचारी घनश्याम व अंकित कुमार ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दोनों कस्टोडियन ने कैश निकासी वाली ATM मशीन का चेस्ट खोला। उसमें रखे नोट पूरी तरह सुरक्षित देख सभी ने राहत की सास ली। कैश ट्रे तक राख पहुंचने के चलते 10- 12 नोट काले जरूर पड़ गए थे, परन्तु वह भी पूरी तरह सुरक्षित थे। ब्रांच मैनेजर सत्येंद्र कुमार उत्पल ने बताया कि सभी नोट सुरक्षित मिले हैं। दुर्घटना में जली दूसरी मशीन वह है, जिसमें कैश जमा होता है। उसे आज अफसरों व पुलिस की मौजूदगी में कस्टोडियन टीम खोलेगी, तब पता चलेगा कि उसमें जमा कैश की क्या स्थिति है।

जानिए कैसे बचे रुपए
बैंक मैनेजर सत्येंद्र कुमार ने बताया कि ATM मशीन की ट्रे बॉक्स की दीवारें एयर, वाटर और फायर प्रूफ होती हैं। ATM मशीन का स्ट्रांग कंपार्टमेंट इतना मजबूत होता है कि उसे तोड़ना मुश्किल होता है। यह मेटल का बना होता है और बहुत मजबूत होता है।

ATM मशीन में कुछ इस तरह से रुपए डालकर रखा जाता है हिसाब
ATM में लॉक लगा होता है। जिसकी चाभी कर्मचारी अपने साथ ही लेकर आते हैं। ताला खोलने के बाद मशीन के अंदर से पैसों का बॉक्स निकाला जाता है। इस बॉक्स को भी चाभी से खोला जाता है। इसे खोलने के बाद एक स्प्रिंग में रुपयों को फंसाया जाता है। स्प्रिंग में रुपयों को फंसाने से पहले हर एक नोट की गड्डी को चेक कर लिया जाता है, कहीं कोई नोट मुड़ा तो नहीं हुआ है। नोटों की गड्डी से रिबन या किसी भी प्रकार का बैंड हटा दिया जाता है। सभी नोटों को एक कतार में व्यवस्थित करके स्प्रिंग में फंसाया जाता है। बॉक्स को दोबारा लॉक करके ATM मशीन में लगा दिया जाता है। बॉक्स को मशीन में लगाने के बाद उसे उल्टा घुमाया जाता है।

सब कुछ सेट करने के बाद, पहले अंदर के नंबर से बंद होने वाले दरवाजे को बंद किया जाता है। इसके बाद दूसरे दरवाजे को चाभी से बंद किया जाता है। आखिर में एटीएम के स्क्रीन पर पैसों की सेटिंग की जाती है। सभी सेटिंग करने के बाद कर्मचारी मशीन को ग्राहकों के उपयोग लायक बनाकर लौट जाते हैं। इसके बाद कोई भी व्‍यक्ति एटीम से रुपये निकाल सकता है।

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