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प्रयागराज में पकड़ा हाईटेक वाहन चोर गिरोह:महंगे शौक ने होटल व्यवसायी को बना दिया वाहन चोर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से खोल देते हैं महंगे से महंगे वाहनों के लॉक

प्रयागराज7 महीने पहले
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  • प्रयागराज के कैंट के म्योराबाद चौराहे से हुई गिरफ्तारी चोरी की डेढ़ करोड़ की पांच हाईटेक गाड़ियां बरामद

महंगे शौक ने लखनऊ के एक BCA पास किशोर को वाहन चोर बना दिया। जी हां, प्रयागराज में एक ऐसा हाईटेक वाहन चोर पकड़ा गया है जो पलक झपकते ही एक से एक लक्जरी कारों का लॉक खोल देते हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके कारनामे जानने के लिए प्रयागराज एसओजी और नारकोटिक्स टीम ने जब प्रत्यक्ष प्रयोग कराया तो उनकी भी आंखें खुली की खुली रह गईं।

गिरोह के पास मिलीं डेढ़ करोड़ की लग्जरी गाडि़यां
पांच की संख्या में पकड़े गए बदमाशों के पास से चोरी की पांच लक्जरी गाड़ियां भी बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत डेढ़ करोड़ बताई जा रही है। इस अंतरराज्यीय गिरोह से और लड़कों के भी जुड़े होने की पुख्ता जानकारी पुलिस टीम को मिली है। हाल ही में 3 बदमाशों ने 20 जून को शहर के जार्जटाउन इलाके से फॉर्च्यूनर कार चोरी की थी।

वाहन चोर गिरोह के पास से बरामद किए गए लग्जरी वाहन।
वाहन चोर गिरोह के पास से बरामद किए गए लग्जरी वाहन।

इलेक्ट्रानिक डिवाइस से खोल देते थे लॉक
इस गैंग के तार देश के दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आसाम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में फैले हुए हैं। पूछताछ में पता चला कि यह लोग किसी भी हाईटेक वाहन के शीशे में टेप लगाकर तोड़ देते थे। टेप की वजह से शीशा टूट कर बिखरता नहीं। फिर उसके बाद दूसरे सदस्य द्वारा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर लॉक तथा टेबलेट के माध्यम से वाहन के सेंसर को डीएक्टिवेट कर देते थे। डिवाइस द्वारा नई कोडिंग कर दी जाती थी। उसके बाद मास्टर की से वाहन को स्टार्ट कर उड़ा देते थे।

पकड़े गए वाहन चोरों में एक बीसीए बाकी ने सिर्फ इंटर तक किए हैं पढ़ाई
एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को दोपहर प्रयागराज के कैंट थाना अंतर्गत म्योराबाद चौराहे से पकड़े गए बदमाशों में आदित्य सिंह पुत्र जगमोहन सिंह निवासी किदवई नगर, कानपुर, बीसीए पास है। रंजीत उर्फ रिंकू पुत्र आसाराम निवासी यशोदा नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, इटावा, मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद सलीम व शहंशाह पुत्र शकील अहमद निवासीगण जाटवपुरी चुंगी, रसूलपुर, फिरोजाबाद एवं शिबू पुत्र बनवारी निवासी आरए लाइन, न्यू कैंट, धूमनगंज, प्रयागराज इंटर पास है। इनके पास से बरामद वाहन कैंटोनमेंट इलाके में छिपाकर रखे गए थे।

वाहन चोर गिरोह के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी।
वाहन चोर गिरोह के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी।

पुलिस के सामने उगला राज बताया वाहन चोरी करने का तरीका
एसओजी के नारकोटिक्स प्रभारी महावीर सिंह और सर्विलांस प्रभारी संजय सिंह, एसओजी गंगापार के प्रभारी मनोज सिंह लग्ज़री गाड़ियों को चुराने वाले गैंग के पीछे काफी दिन से पड़े थे। मुखबिर की सूचना पर मंगलवार दोपहर में टीम ने कैंट इलाके में घेरेबंदी करके इन पांचों चोरों को पकड़ लिया। पूछताछ में इन लोगों ने गाड़ियों को चुराने और बेचने का पूरा तरीका पुलिस को विस्तार से बताया। चोरों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पांच बड़ी लग्ज़री गाड़ियां भी बरामद की हैं। पकड़े गए बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। इन पांचों अपराधियों पर विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें पंजीकृत हैं।

होटल व्यापारी अपने होटल में देता था वाहन चोरों को पनाह
पुलिस के अनुसार रंजीत उर्फ रिंकू पिछले दो दशक से चार पहिया लग्जरी वाहनों की चोरी करता है । वह इस कार्य में पूरी तरह से अभ्यस्त है और पलक झपकते ही एक से एक हाईटेक वाहनों को उड़ा देता है। इस पर इटावा जनपद में आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आदित्य सिंह लखनऊ के चारबाग में प्रगति के नाम से होटल चला रहा था। पुलिस इसमें उसकी मदद करती थी। वह अपने होटल में गैंग के सदस्यों को ठहराने और अपने लग्जरी वाहनों के साथ घटनाओं को अंजाम देने में लगा रहता था। मोहम्मद आरिफ का काम चोरी के वाहनों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने का था। शिबू भी उसका सहयोगी होता था। इन दोनों पर प्रयागराज में 10 मुकदमा पंजीकृत है। शहंशाह भी चोरी के वाहनों को छिपाने में मदद करता था।

बरामद की गई गाड़ियां व दस्तावेज
इनके पास से बरामद की गई गाड़ियों में एक फॉर्चूनर, ब्रेजा, इकोस्पोर्ट, क्रेटा और सफारी हैं। इनके पास से बंगाली भाषा में लिखें अंग्रेजी और हिंदी में लिखें 45 वाहनों के कूट रचित आरसी एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनके अलावा ग्लैंडर मशीन, बैटरी मोबाइल, ड्रिल मशीन, डिवाइस चार्जर, हैंडल लॉक, मैकेनिकल डिवाइस, हथौड़ी, छीनी, पेचकस टूलबॉक्स, पावर मैग्नेट, नंबर प्लेट, कूट रचित बीमा व प्रदूषण की 91 छाया प्रतियां, ब्लेड आदि बरामद किया गया है।

सिवान के जनता बाजार में लगती थी चोरी के हाईटेक वाहनों की बोली
चोरी के वाहनों को दो-चार दिन तक सूनी गलियों व जगहों पर रखकर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। किसी वाहन में जीपीएस सिग्नल अगर लगा होता था तो भी गैंग बच निकलता था। चोरी किए गए वाहनों को बिहार के सिवान में लगने वाले जनता बाजार में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया जाता था। चोरी किए गए वाहन सहारनपुर, कोलकाता, कुशीनगर, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, भुवनेश्वर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश आदि जगहों पर चलते थे। प्रयागराज के सीबू पर तो पहले से 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लेडी डान श्वेता गुप्ता के साथ ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।

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