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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी:फर्जी मार्कशीट गिरोह सामाजिक ढांचे को पंगु बना रहा है, शिक्षक की जमानत अर्जी खारिज की

प्रयागराज6 दिन पहले
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  • हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वालों के ऊपर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि फर्जी मार्कशीट गिरोह सामाजिक ढांचे को पंगु बना रहा है और शिक्षा पद्धति की जड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। ये किसी दया के पात्र नहीं हैं। हाईकोर्ट ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर प्राथिमक विद्यालय में पिछले 11 वर्षों से नौकरी कर रहे शिक्षक की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए यह सख्त टिप्पणी की है।

क्या है मामला ?
शिक्षक सुनील कुमार पर आरोप है कि वह आगरा विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी मार्कशीट के आधार पर नियुक्त हुआ और वर्ष 2009 से पढ़ा रहा था। फर्जी मार्कशीट को लेकर उसके खिलाफ थाना- अहमदगढ़, बुलंदशहर में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।

शिक्षक को अदालत में सरेंडर करने की सलाह
इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याची अध्यापक सुनील कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल ने कहा कि याची अदालत में अपने को सरेन्डर करे और विवेचना में सहयोग करे।

गिरोह में बिचौलियों, मास्टरमाइंड व लाभार्थियों की लंबी चेन
इससे फर्जी मार्कशीट गिरोह के सदस्यों और बिचौलियों तक पुलिस पहुंच पाएगी। न्यायालय ने आगे कहा कि फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह में बिचौलियों, मास्टरमाइंड व लाभार्थियों की लंबी चेन है। इसकी जड़ों तक जाने के लिए जांच जरूरी है। ऐसे मामलों में जांच के लिए कस्टडी भी जरूरी हो जाती है। लिहाजा आरोपी की जमानत अर्जी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।

प्रदेश में मिल चुके हैं सैकड़ों शिक्षक
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर समय समय पर हुई जांचों में प्रदेश में अब तक सैकड़ों शिक्षक नौकरी कर रहे थे। इस बात का पता चलने पर सरकार ने उनको बर्खास्त कर दिया था। ऐसे लोगों पर मुकदमा भी चल रहा है।