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प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं:20 से अधिक मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुसा, 110 शरणार्थी कैंप बनाए गए; आज रात तक डेंजर लेवल को पार जाएंगी नदियां

प्रयागराज3 महीने पहले
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद घरों में पानी घुसने से लोगों का पलायन शुरू हो गया है।

बारिश के चलते गंगा-यमुना नदियां उफान पर हैं। प्रयागराज में गंगा का जलस्तर अलर्ट लेवल को पार कर गया है। खतरे के निशान से नदी का जलस्तर महज 87 सेमी दूर है। वहीं, यमुना 1.52 मीटर खतरे के निशान से दूर है। दोनों नदियों का जलस्तर 3 से 4 सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। संभावना है कि आज रात तक गंगा-यमुना खतरे के निशान को पार कर जाएंगी।

नदियों में उफान से तटवर्ती इलाकों से पलायन शुरू हो गया है। शनिवार सुबह 10 बजे तक छावनी क्षेत्र के ओल्ड कैंट हाईस्कूल में 53 लोगों ने शरण ली है। जबकि छोटा बघाड़ा के एनीबेसेंट स्कूल में बनाए गए शराणार्थी कैंप में 60 लोग पहुंचे हैं।

शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई लोग घरों को छोड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसे लोग अपने मकान की दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट कर गए हैं। किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर दलहन तिलहन और धान की फसल डूब गई है।

प्रयागराज के दारागंज इलाके में बाढ़ का घुसा पानी।
प्रयागराज के दारागंज इलाके में बाढ़ का घुसा पानी।

प्रयागराज के इन इलाकों में घुसा पानी, खतरा बढ़ा

  • प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बेली कछार, गंगापुरी, नेवादा कछार, अशोक नगर कछार, दशाश्वमेध घाट, म्योराबाद, जोंधवल, शंकरघाट, बघाड़ा, सलोरी, राजापुर, ऊंचवागढ़ी, शिवकुटी, कैलाशपुरी कालोनी, चिल्ला कछार, नीवां, छतनाग, बदरा सोनौटी, हेतापट्टी, फाफामऊ समेत 24 से अधिक इलाकों में पानी घुस गया है।
  • वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ने से शहर से सटकर बहने वाली ससुर खदेरी नदी के तटवर्ती करेलाबाग, गौसनगर, सदियापुर मोहल्लों में पानी घुसने लगा है। तीन दिनों में जलस्तर में वृद्धि होने से दोनों नदियों का कछारी इलाका जलमग्न हुआ है।
  • श्रृंगवेरपुर, कौड़िहार, फाफामऊ, थरवई, सोनौटी, बदरा, झूंसी, नैनी, कोटवां, बेलवार, कतवारीपुर, सिरसा, हंडिया, करछना, औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के कछारी इलाके जलमग्न हो गए हैं। इन इलाकों में किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर दलहन तिलहन और धान की फसल डूब गई है।
प्रयागराज में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं।
प्रयागराज में बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं।

जलस्तर: शनिवार सुबह 8 बजे की स्थिति

गंगा-यमुना के खतरे का निशान: 84.73 मीटर

चेतावनी बिंदु: 83.73 मीटर

गंगा

फाफामऊ: 83.83 मीटर (चेतावनी बिंदु से ऊपर

छतनाग, झूंसी: 83.06 मीटर

यमुना

नैनी: 83.62 मीटर

छोटा बघाड़ा में नदी का पानी मकानों में घुस गया है।
छोटा बघाड़ा में नदी का पानी मकानों में घुस गया है।

शुक्रवार रात की जलस्तर की स्थिति-

गंगा फाफामऊ: 83.73 मीटर

छतनाग, झूंसी: 83.39 मीटर

यमुना, नैनी: 83.20 मीटर

बाढ़ के कारण पलायन करते लोग।
बाढ़ के कारण पलायन करते लोग।

प्रशासन की तरफ से की गई तैयारी-

बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर: 0532-2641577, 2641578

बाढ़ नियंत्रण प्रभारी उपजिलाधिकारी सदर: 9454417814

  • 98 बाढ़ चैकियां
  • 110 बाढ़ शरणालय
  • संगम क्षेत्र में जल पुलिस, एसडीआरएफ व पीएसी एलर्ट
  • एनडीआरएफ की टीम एलर्ट
  • प्रशासन के पास 20 मोटर बोट/मोटर लांच समस्त जीवन रक्षक उपकरणों सहित उपलब्ध
  • मेला प्रशासन, लोक निर्माण, सिचाई विभाग और विकास प्रधिकरण को मिलाकर कुल नौ मोटर बोट हैं
  • 2000 प्राइवेट नाव तथा 05 प्राईवेट मोटर बोट
  • 20 सरकारी और 15 प्राईवेट गोताखोर
गंगा के जलस्तर बढ़ने से डूबा मोहल्ला।
गंगा के जलस्तर बढ़ने से डूबा मोहल्ला।
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