प्रयागराज में विषाक्त भोजन ने ली दो और की जान:पहले पिता, अब भाई-बहन ने तोड़ा दम, मां-बेटी की हालत अभी भी चिंताजनक

प्रयागराज2 महीने पहले
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हाेलागढ़ के खुटहना गांव पहुंची सीओ सोरांव मातहतों संग जांच पड़ताल करते हुए। - Dainik Bhaskar
हाेलागढ़ के खुटहना गांव पहुंची सीओ सोरांव मातहतों संग जांच पड़ताल करते हुए।

नौ दिन पहले विषाक्त भोजन करने से बीमार हुए एक ही परिवार के दो और लोगों की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। पहले पिता और फिर शनिवार को भाई एवं बहन की जान चली गई। मां और एक बेटी अभी इलाजरत हैं। खाने में जहर कैसे आया और क्यों आया, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। दो अन्य की मौत के बाद गांव में पुलिस बल को लगा दिया गया है। दोनों की लाशों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है। आठ अगस्त को उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बड़ी बेटी ने 30 जुलाई को बनाया था खाना

गंगापार के होलागढ़ थानांतर्गत भगौतीपुर खुटहना गांव निवासी सज्जन पटेल (40) पुत्र रामरतन पटेल खेती किसानी करते थे। उनके परिवार में पत्नी गीता पटेल (38), एक बेटा रचित उर्फ कोमल (17) व दो बेटियां विनीता पटेल (14) व निशा पटेल (7) थीं। ग्रामीणों के मुताबिक 30 जुलाई को विनीता घर में खाना बना रही थी। परिवार के लोग खेत में गए थे। जब घरवाले लौटे तो घर के समीप स्थित बाग में बैठ गए। खाना बनाने के बाद विनीता भी परिवार के पास चली गई। कुछ देर बाद सभी लोग घर आए। विनीता ने ही मां-बाप, भाई बहन और खुद के लिए खाना परोसकर खाया।

सोरांव तहसील के अधिकारी लिखा पढ़ी करते हुए।
सोरांव तहसील के अधिकारी लिखा पढ़ी करते हुए।

बचा खाना खाने से दो बकरियों की तुरंत हो गई थी मौत

खाना खाते समय सज्जन ने टोका भी कि आज का खाना कुछ ठीक नहीं लग रहा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसके जो खाना बचा था, गीता देवी ने उसे अपनी दोनों बकरियों को खिला दिया। खाना खाने के करीब एक से डेढ़ घंटे बाद ही दोनों बकरियां मर गईं। इस बीच सज्जन पटेल की तबियत खराब हो गई। उसे उल्टी हुई और बेहोशी आने लगी। कुछ ही देर में गीता और उसके तीनों बच्चे भी बीमार हो गए।

मां-बेटी का फाफामऊ में चल रहा इलाज, स्थिति क्रिटिकल

पता चलने पर परिवार के लोग पांचों लोगों को सोरांव स्थित नर्सिंग होम ले गए। जहां इलाज के दौरान तीन अगस्त को सज्जन पटेल की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो परिवार के लोग शहर लेकर भागे। उसे फाफामऊ स्थित नर्सिंग होम ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। पत्नी गीता व बेटे रचित की भी स्थिति बिगड़ गई तो उन दोनों को भी फाफामऊ में लाकर भर्ती करा दिया गया। छोटी बेटी निशा को चिल्ड्रेन हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सात अगस्त की रात में पहले निशा की और उसके बाद फाफामऊ में इलाज रत रचित उर्फ कोमल ने दम तोड़ दिया। गीता और विनीता की हालत अभी भी गंभीर है।

होलागढ़ के सज्जन पटेल के घर में बने इसी चूल्हे पर बना था मौत का खाना।
होलागढ़ के सज्जन पटेल के घर में बने इसी चूल्हे पर बना था मौत का खाना।

खाना विषाक्त कैसे और क्यों हुआ, किसी को पता नहीं

एक ही परिवार के तीन-तीन लोगों की मौत और दो की हालत मरणासन्न होने से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है,लेकिन अभी तक न तो पुलिस और न गांव घर के लोग ही यह पता लगा पाए हैं कि आखिर खाना विषाक्त कैसे हुआ। रविवार को भोर में ही सीओ सोरांव अमिता सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल करने लगी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष होलागढ़ अनिल कुमार ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग की बात सामने आ रही है। दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। खाने में किसी ने जानबूझकर जहर मिला दिया अथवा खाना विषाक्त कैसे हो गया समेत सभी पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।

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